नई दिल्ली: भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने मंगलवार को कहा कि वह बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने वालों की ‘पहचान’ बन गए हैं और उनका नाम आते ही मानो लोगों का गुस्सा भड़क जाता है. माल्या ने काफी समय बाद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए एक बयान जारी किया है. इसमें उन्होंने कहा है कि वह दुर्भाग्य से जिस विवाद में घिरे हुए हैं उसकी ‘तथ्यात्मक स्थिति’ सामने रखना चाहते हैं. Also Read - 5 अक्टूबर को दिन में 2 बजे विजय माल्या को कोर्टरूम लेकर आए सरकार: सुप्रीम कोर्ट

माल्या के अनुसार उन्होंने इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए पांच अप्रैल 2016 को प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री को पत्र लिखा था. बयान के अनुसार, ‘उन्हें किसी से भी जवाब नहीं मिला.’ इसमें माल्या ने कहा है, ‘राजनेताओं व मीडिया ने मुझ पर इस तरह आरोप लगाए मानो किंगफिशर एयरलाइंस को दिए गए 9000 करोड़ रुपये का कर्ज मैंने चुरा लिया और भाग गया. कुछ कर्जदाता बैंकों ने भी मुझे जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाला करार दिया.’ Also Read - विजय माल्या को SC से झटका, कोर्ट की अवमानना मामले में भगोड़े शराब कारोबारी की याचिका खारिज

माल्या ने इस मामले में सीबीआई व प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उनके खिलाफ दायर आरोप पत्रों को ‘सरकार व कर्जदाता बैंकों की ओर से आधारहीन व सर्वथा झूठे आरोपों पर की गई कार्रवाई’ बताया है. माल्या के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय ने उनकी, उनकी समूह कंपनियों व उनके परिवार के स्वामित्व वाली कंपनियों की आस्तियां कुर्क कर दीं जिनका मूल्य लगभग 13900 करोड़ रुपए है. Also Read - माल्या ने प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ ब्रिटेन के उच्चतम न्यायालय में अपील करने की अनुमति मांगी

माल्या ने कहा है, ‘मैं बैंक डिफॉल्ट करने वालों का ‘पोस्टर ब्वाय’ बन गया हूं और मेरा नाम आते ही लोगों का गुस्सा भड़क जाता है.’ माल्या उन्हें ब्रिटेन से भारत प्रत्यर्पित किए जाने के खिलाफ अदालती लड़ाई लड़ रहे हैं.

चार दिन पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विजय माल्या को एक भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने और 12500 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियों को जब्त करने के लिए भगोड़ा आर्थिक अपराधी ऑर्डिनेंस के तहत आवेदन किया है. भारत ने एक नए कानून के तहत बड़े बैंक ऋण डिफॉल्टरों पर नकेल कसने की दिशा में शुक्रवार को पहला कदम उठा लिया. ईडी ने विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कराने और उसकी 12,500 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है. नए अध्यादेश के तहत, एजेंसी जल्द ही भगोड़े आभूषण कारोबारी नीरव मोदी, उसके चाचा मेहुल चोकसी समेत अन्य बड़े बैंक ऋण डिफॉल्टरों के खिलाफ भी इस तरह का कदम उठाने वाली है. यह कदम नौ हजार करोड़ रुपए से अधिक के दो बैंक ऋण की राशि का हेर – फेर करने के मामले में उठाया गया है. इन दो बैंक ऋण में आईडीबीआई बैंक और एसबीआई की अगुआई वाला बैंक समूह शामिल हैं.