लंदन. 9 हजार करोड़ की धोखाधड़ी में भारत से भागे कारोबारी विजय माल्या को लंदन की सरकार ने भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दे दिया है. लेकिन भगोड़ा कारोबारी अपने बचाव के लिए सारे दांव-पेंच इस्तेमाल करने में लगा हुआ है. भारत सरकार जहां विजय माल्या को जल्द से जल्द भारत लाना चाहती है, वहीं माल्या ने इस प्रक्रिया में ‘देरी’ करने के लिए उपाय करने शुरू कर दिए हैं. दरअसल, प्रत्यर्पण मामले में ब्रिटेन के कानून के तहत माल्या को अपील करने का अधिकार है. भगोड़ा कारोबारी इसी अपील को अपने बचाव का हथियार बनाना चाहता है. माल्या ने कहा है कि वह ब्रिटेन सरकार के उस निर्णय के खिलाफ अपील करने की तैयारी में हैं जिसमें उन्हें भारतीय अधिकारियों को सौंपने की मंजूरी दी गई है. माल्या को उम्मीद है कि अपील के बाद कोर्ट में सुनवाई में महीनों लगेंगे, जिसके कारण उसे तत्काल भारत लाया जाना संभव नहीं हो सकेगा.

माल्या ने ट्वीट कर बताया कि वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत के 10 दिसंबर, 2018 के आदेश पर फैसला आने के बाद मैंने अपील की अपनी मंशा के बारे में बता दिया है. गृह मंत्री के निर्णय से पहले मैं अपील नहीं कर सकता था. अब मैं अपील करूंगा. माल्या के खिलाफ भारत में 9,000 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग के मामले में कार्रवाई की जानी है. 63 वर्षीय विजय माल्या के प्रत्यर्पण को ब्रिटेन के गृह मंत्री साजिद जाविद ने रविवार को मंजूरी दी थी. इससे माल्या को वापस लाने के प्रयासों में भारत को एक बड़ी सफलता मिली है.

मोदी सरकार की बड़ी सफलता: विजय माल्या लाया जाएगा भारत, प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन ने दी मंजूरी

जाविद द्वारा प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर के बाद माल्या के पास उच्च न्यायालय में अपील दायर करने की अनुमति लेने के लिए दो सप्ताह का समय है. जाविद द्वारा प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर के कुछ घंटे बाद माल्या ने सोशल मीडिया पर इस फैसले के खिलाफ अपील करने की पुष्टि की. एक बार अपील दायर होने के बाद अदालत यह तय करेगी कि क्या उसे स्वीकार करने के पीछे उचित आधार है. इससे ब्रिटेन के उच्च न्यायालय के तहत आने वाली प्रशासनिक अदालत में अगले कुछ माह तक और सुनवाई चलेगी. ब्रिटेन की विधि कंपनी जाईवाला एंड कंपनी के संस्थापक एवं वरिष्ठ भागीदार सरोश जाईवाला ने कहा कि इस मामले की सुनवाई में महीनों लगेंगे. पूरी प्रक्रिया को समाप्त होने में पांच से छह माह का समय लगेगा. आपको बता दें कि विजय माल्या मार्च, 2016 से ब्रिटेन में है.

(इनपुट – एजेंसी)