नई दिल्ली: लंदन की अदालत ने भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के भारत प्रत्यर्पण की मंजूरी दे दी है. लंदन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने सुनवाई के बाद माल्या को भारत ले जाने की मंजूरी दे दी. माल्या को भारत लाने के लिए सीबीआई के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम लंदन गई हुई थी. विजय माल्या जब दो मार्च, 2016 को भारत से भागा था, तब उस पर नौ हजार करोड़ रुपए का कर्ज था. ये कर्ज अलग-अलग 6 बैंकों का था. इस कर्ज के कारण ही भारत सरकार काफी समय से माल्या के प्रत्यर्पण की कोशिश में लगी हुई थी. करीब ढाई साल बाद भारत को इसमें कामयाबी मिली है. अदालत ने माल्या के प्रत्यर्पण का मामला गृह मंत्री साजिद जाविद को भेज दिया है जो इस फैसले के आधार पर निर्णय देंगे. बचाव पक्ष को ब्रिटेन के उच्च न्यायालय में मुख्य मजिस्ट्रेट के फैसले के खिलाफ अपील करने की अनुमति होगी. Also Read - शराब कारोबारी विजय माल्या का दावा, ईडी, सीबीआई ने किया है चार साल से पूरी तरह अनुचित बर्ताव

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माल्‍या पर किस बैंक का कितना बकाया?
भारतीय स्‍टेट बैंक: भारतीय स्‍टेट बैंक एसबीआई ने विजय माल्‍या की एयरलाइंस किंगफिशर को 1600 करोड़ रुपए का लोन दिया था. माल्‍या को सबसे अधिक कर्ज एसबीआई ने ही दिया था. Also Read - माल्या के ऋण न चुकाने को लेकर भारतीय बैंक फिर ब्रिटेन की अदालत पहुंचे

पंजाब नेशनल बैंक: पंजाब नेशनल बैंक ने विजय माल्‍या की एयरलाइंस किंगफिशर को 800 करोड़ रुपए का लोन दिया था.

आईडीबीआई बैंक: आईडीबीआई बैंक ने भी विजय माल्‍या की एयरलाइंस किंगफिशर को 800 करोड़ रुपए का लोन दिया था.

बैंक ऑफ इंडिया: बैंक ऑफ इंडिया ने भी विजय माल्‍या की एयरलाइंस किंगफिशर को 650 करोड़ रुपए का लोन दिया था.

बैंक ऑफ बड़ौदा: बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी किंगफिशर एयरलाइंस को 550 करोड़ रुपए का लोन दिया था.

यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया: यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया ने भी किंगफिशर एयरलाइंस को 450 करोड़ रुपए का लोन दिया था.

कुल नौ हजार करोड़ रुपए का था कर्ज
बता दें कि शराब कारोबारी विजय माल्या पर विभिन्न बैंकों का करीब 9 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है. बकाया चुका पाने में नाकाम होने पर वह विदेश भाग गया. विजय माल्या की बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस पर विभिन्न बैंकों का नौ हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कर्ज बकाया है. उसने दो मार्च, 2016 को देश छोड़ दिया था. इसके बाद कर्ज को वसूलने के लिए बैंकों ने मुंबई स्थित किंगफिशर हाउस और गोवा के किंगफिशर विला की नीलामी रखा गया था. उसकी दूसरी संपत्तियों की नीलामी का भी एलान किया गया था.

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धीरे-धीरे नीलाम की जा रही थी संपत्ति
19, सितम्बर 2018 को किंगफिशर एयरलाइंस के दो हेलिकॉप्टर नीलामी में 8.5 करोड़ रुपये में बेचा गया था. ये हेलिकॉप्टर किंगफिशर एयरलाइंस के ठप हो हेलिकॉप्टर थे. बैंकों ने भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या से अपने बकाया कर्ज की वसूली के लिए एयरबस हेलिकॉप्टरों को नीलामी के लिए पेश किया था. दोनों हेलिकॉप्टरों के लिए आरक्षित मूल्य 3.5 करोड़ रुपये रखा गया था. ई-नीलामी का आयोजन बेंगलुरु में किया गया. नई दिल्ली चौधरी एविएशन फैसिलिटजी के एक प्रतिनिधि ने दावा किया कि उनकी कंपनी इस नीलामी में सफल हुई है. कंपनी दो हेलिकॉप्टरों के लिए 8.57 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी. जून, 2018 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विजय माल्या को की 12500 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियों को जब्त करने के लिए भगोड़ा आर्थिक अपराधी ऑर्डिनेंस के तहत आवेदन किया था.

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पांच दिन पहले ही की थी 100 प्रतिशत कर्ज चुकाने की पेशकश
पांच दिसंबर, 2018 को ही माल्या ने बैंकों को 100 प्रतिशत कर्ज चुकाने की पेशकश की थी. माल्या ने कई ट्वीट कर कहा था कि वह बैंकों से लिए गए कर्ज को चुकाने के लिए तैयार है. हालांकि माल्या ने कहा कि वह मूलधन चुकाने के लिए तैयार है, लेकिन ब्याज नहीं दे सकता. माल्या ने यह भी आरोप लगाया था कि मीडिया और भारत के नेताओं ने उनके साथ पक्षपात किया. विजय माल्या ने ट्वीट किया, महंगे एटीएफ की वजह से एयरलाइंस आर्थिक तंगी का सामना कर रही हैं. किंगफिशर इसकी चपेट में तब आई थी जब क्रूड ऑयल के दाम 140 प्रति बैरल पहुंच गए थे. एयरलाइंस को घाटा हुआ और बैंकों से लिया पैसा इसी मद में खर्च हुआ. मैं 100 प्रतिशत मूल राशि देने को तैयार हूं. कृपया इसे स्वीकार करें. लेकिन माल्या की इस बात पर भारत ने कोई प्रतिक्रिया नहीं देते हुए उसके प्रत्यर्पण की कोशिशें जारी रखी थीं. भारत ने पहले ही कहा था कि किसी भी तरह का सौदा नहीं किया जाएगा.