लंदन. भगोड़ा घोषित किया जा चुका विजय माल्या बुधवार को लंदन की एक अदालत में अपने प्रत्यर्पण के मामले की सुनवाई के लिए पेश हुआ. इसमें न्यायाधीश भारतीय अधिकारियों द्वारा मुंबई जेल में शराब व्यावसायी के लिए की गई तैयारी के वीडियो की समीक्षा करेंगे. Also Read - 5 अक्टूबर को दिन में 2 बजे विजय माल्या को कोर्टरूम लेकर आए सरकार: सुप्रीम कोर्ट

किंगफिशर एयरलाइन के 62 वर्षीय प्रमुख पिछले साल अप्रैल में जारी प्रत्यर्पण वारंट के बाद से जमानत पर है. उसपर भारत में करीब 9000 करोड़ रूपये के धोखाधड़ी और धनशोधन के आरोप हैं. इससे पहले जुलाई में वेस्टमिन्स्टर मजिस्ट्रेट की अदालत की न्यायाधीश एमा अर्बुथनाट ने कहा था कि उनके ‘संदेहों को दूर करने के लिए’ भारतीय अधिकारी आर्थर रोड जेल की बैरक नंबर 12 का ‘सिलसिलेवार वीडियो’ जमा करने को कहा था.

सीपीएस ने की थी जिरह
भारत सरकार की तरफ से क्राउन प्रासिक्यूसन सर्विस (सीपीएस) ने जिरह की थी और वीडियो अदालत के लिए रजामंदी जताई थी. वीडियो अदालत में जमा कर दिया गया है. माल्या का बचाव करने वाले दल ने जेल के निरीक्षण की मांग की थी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्यर्पण प्रक्रिया को ब्रिटेन के मानवाधिकार संबंधी वादे को पूरा करता है.