नई दिल्ली. इस साल के आखिर में होने वाले तीन राज्यों- मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़, के विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस के संघर्ष का मुख्य मुद्दा क्या होगा, इसकी तलाश पूरी हो गई है. कांग्रेस पार्टी, इन तीनों राज्यों में भी ‘विकास’ के मुद्दे पर ही चुनाव लड़ेगी, लेकिन अलग तरीके से. जी हां, कांग्रेस ने तीनों राज्यों में ‘विकास की खोज’ थीम पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है. युवाओं को रोजगार, शिक्षा व्यवस्था की हालत और जमीनी सच्चाई के मामलों के साथ कांग्रेस इन राज्यों में ‘विकास की खोज’ करेगी. इसके लिए पार्टी ने अपनी छात्र इकाई NSUI को सक्रिय करने की योजना बनाई है. NSUI ही इन राज्यों में युवाओं और विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ-साथ आम लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाएगी. Also Read - MP ByPolls 2020: धरने पर बैठे शिवराज सिंह चौहान, बोले- महिलाओं का अपमान नहीं करेंगे बर्दाश्त

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इकोनॉमिक टाइम्स में छपी कांग्रेस पार्टी ने निर्णय लिया है कि वह तीनों राज्यों में जमीनी स्तर पर जाकर लोगों को बताएगी कि भाजपा शासित इन प्रदेशों में विकास नहीं हुआ है. पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने अखबार को बताया कि कांग्रेस लोगों से अपील करेगी कि वे मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड पर पत्र लिखकर बताएं कि विकास कहीं खो गया है. इस तरह के अभियान की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होगी. पार्टी अपने छात्र संगठन, NSUI की मदद से अभियान चलाएगी. वहीं, पार्टी के कार्यकर्ता राज्य के सुदूर इलाकों में बूथस्तर तक इस अभियान को पहुंचाएंगे. पार्टी की योजना है कि ‘विकास की खोज’ करने वाले ऐसे 50 हजार पोस्टकार्ड मुख्यमंत्री रमण सिंह तक पहुंचाए जाएं. कांग्रेस के इस अभियान का मकसद दरअसल सीएम रमण सिंह की ‘विकास यात्रा’ को टार्गेट करना है.

छत्तीसगढ़ – शिक्षा और रोजगार को मुद्दा बनाने की तैयारी

Chhatisgarh

कांग्रेस छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में शिक्षा और रोजगार को ही मुख्य चुनावी मुद्दा बनाने पर विचार कर रही है. छत्तीसगढ़ में अभियान की शुरुआत करते हुए यहां की छात्र इकाई को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. NSUI की प्रभारी ज्वाइंट सेक्रेट्री रुचि गुप्ता ने इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत में कहा, ‘आज देश के किसी भी राज्य में युवाओं के लिए मुख्य रूप से तीन ही मुद्दे हैं- शिक्षा, रोजगार और न्याय यानी इंसाफ. पार्टी इस बार के चुनाव में युवाओं की इन समस्याओं को देखते हुए इन्हीं तीन मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित करेगी.’

राजस्थान- ब्लॉक स्तर पर युवाओं को जोड़ने की मुहिम

Rajasthan

छत्तीसगढ़ के अलावा राजस्थान में भी पार्टी ने चुनाव को देखते हुए युवाओं पर ध्यान केंद्रित किया है. इसके मद्देनजर राजस्थान NSUI ने पहली बार ब्लॉक स्तर पर 800 को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किए हैं जो विकास के मुद्दों पर पार्टी का संदेश युवा वोटरों तक पहुंचाएंगे. राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने अखबार को बताया, ‘राजस्थान में 2 लाख सरकारी पद खाली हैं. 17 हजार से ज्यादा स्कूल बंद हो चुके हैं. फिर भी राज्य सरकार विकास के दावे कर रही है.’ उन्होंने भाजपा सरकार से इस स्थिति को लेकर सवाल किया, ‘कहां है विकास’.

मध्यप्रदेश – किसानों के साथ-साथ छात्र हित की बात

Madhyapradesh

मध्यप्रदेश में कांग्रेस, प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ कृषि और किसानों की समस्याओं पर फोकस करती दिख रही है. लेकिन अब वह युवाओं की रोजगार की समस्या पर फोकस करने जा रही है. इसके तहत पार्टी के छात्र संगठन ने प्रदेशभर के ढाई लाख युवाओं के नौकरी के लिए दिए गए आवेदन जुटाए हैं. पार्टी हर विधानसभा सीट पर हेल्प डेस्क बनाकर युवाओं से ये आवेदन भरवाएगी. NSUI की प्रभारी ज्वाइंट सेक्रेट्री रुचि गुप्ता ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, ‘हम हेल्प डेस्क के जरिए बड़ी तादाद में युवाओं को फॉर्म भरने के लिए प्रोत्साहित करेंगे.’

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गुजरात में विकास के नारे से मिला था लाभ

ऐसा नहीं है कि विकास के नारे के साथ कांग्रेस पहली बार किसी चुनावी मैदान में उतर रही है. इससे पहले वर्ष 2017 में भी उसने इस मुद्दे को गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान खूब भुनाया था. गुजरात चुनाव के दौरान ‘विकास पगला गया है’ के नारे ने सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के नेताओं को काफी परेशान किया था. इस नारे ने केंद्र और राज्य, दोनों जगह सत्ताधारी भाजपा को ‘बैकफुट’ पर ला दिया था. गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी जनसभाओं में अक्सर लोगों से विकास को लेकर सवाल पूछते थे, जिसके जवाब में उन्हें ‘विकास गांडो थयो छे’ यानी ‘विकास पगला गया है’ का नारा सुनने को मिलता था.