सिरसा। बलात्कार मामले में आज डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाई जानी है, जिसके बाद हिंसा फैलने की आशंका के मद्देनजर डेरा मुख्यालय के निकट के एक गांव के लोगों ने गुस्साए डेरा अनुयायियों से निबटने के लिए पत्थर के ढेर, डंडे, ईंटे और लोहे की छड़ों का पूरा इंतजाम किया हुआ है. डेरा के मुख्यालय से 500 मीटर की दूरी पर स्थित शाहपुर बेगु के ग्रामीणों ने बताया कि गुरमीत के हिंसक अनुयायियों से निबटने के लिए वह पूरी तरह तैयार हैं.

पंचकुला में विशेष सीबीआई अदालत द्वारा पंथ प्रमुख को 25 अगस्त को दोषी ठहराए जाने के बाद फैली हिंसा में कम से 38 लोगों की मौत हो गई थी. इनमें से छह लोगों की मौत सिरसा में हुई थी. शाहपुर बेगु गांव की आबादी लगभग 9,000 है। यहां के ज्यादातर लोग पंथ प्रमुख का समर्थन नहीं करते.

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गांव की एक निवासी संतोष सोनी को अपने परिवार एवं पड़ोसियों की सुरक्षा की चिंता है. वह बताती हैं कि 25 अगस्त को गुरमीत राम रहीम पर फैसला आने से पहले ही ग्रामीणों ने लोहे की छड़ें, पत्थर, ईंटे और लट्ठे अपनी घरों की छतों पर इकट्ठे करने शुरू कर दिए थे ताकि अगर डेरा के हिंसक अनुयायी गांव में घुसें तो उनसे निबटा जा सके. लेकिन डेरा अनुयायी यहां नहीं आए.

एक अन्य ग्रामीण अमित सिंह ने कहा, ‘‘ हम एक बार फिर पूरी तरह से तैयार हैं. अगर उन लोगों से सामना करना पड़ेगा तो हमने भी पूरी तैयारी कर रखी है.’’ सिरसा में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और कर्फ्यू जारी है. बड़ी संख्या में डेरा अनुयायी पंथ का मुख्यालय छोड़कर जा रहे हैं. इलाका छोड़कर जाने के इच्छुक लोगों को हरियाणा राज्य परिवहन बस सुविधा दे रहा है. पुलिस ने कहा कि डेरा मुख्यालय के भीतर और आसपास हालात काबू में हैं.