नई दिल्ली. विनोद खन्ना एक अभिनेता ही नहीं थे, वो एक कुशल राजनीतिज्ञ भी थे. 2 फिल्मफेयर अवॉर्ड हासिल करने वाले विनोद खन्ना के राजनीतिक सफर के बारे में कम ही लोग जानते हैं. इस वक्त वो पंजाब के गुरदासपुर से बीजेपी के सांसद थे. गुरदासपुर से वह 4 बार लोकसभा चुनाव जीते यानी यहां से उन्होंने सियासत का चौका जड़ा.

1997 में विनोद खन्ना ने पहली बार राजनीति में कदम रखा था. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) जॉइन की और अगले साल लोकसभा चुनाव में गुरदासपुर से सांसद चुने गए. 1999 में, वह दोबारा गुरदासपुर से सांसद चुने गए. साल 2002 में उन्हें संस्कृति और पर्यटन मंत्री बनाया गया। सिर्फ 6 माह बाद ही उनको अति महत्वपूर्ण विदेश मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री बना दिया गया।

2004 में वह दोबारा गुरदासपुर से जीतकर संसद पहुंचे. हालांकि, 2009 में खन्ना चुनाव हार गए. 2014 में मोदी लहर के बीच विनोद खन्ना ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और गुरदासपुर सीट से उस वक्त के सांसद प्रताप सिंह वाजवा को 8 हजार वोट के अंतर से शिकस्त दी. खन्ना इस जीत से 16वीं लोकसभा में पहुंचे.

यही नहीं, युवाओं में काफी चर्चित रहने वाले विनोद खन्ना ने बीजेपी के लिए कई राज्यों में प्रचार किया. कहा तो यह भी जाता है कि हेमा मालिनी को राजनीति में लाने वाले विनोद खन्ना ही थे. हाल में योगी आदित्यनाथ के लिए प्रचार करने की एक पुरानी तस्वीर भी विनोद खन्ना की वायरल हुई थी.