नई दिल्ली: जगन्नाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए लाइन लगाने की व्यवस्था शुरू करने के खिलाफ एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन के 12 घंटे के बंद के दौरान बुधवार को भड़की हिंसा में नौ पुलिसकर्मी घायल हो गये. पुलिस ने बताया कि श्री जगन्नाथ सेना द्वारा शहर में बुलाया गया दिनभर का बंद उस समय हिंसक हो गया जब 12वीं सदी में बने मंदिर में भीड़ घुस गई. भीड़ ने बैसी पहाचा और सिंहद्वार के नजदीक लगे बैरिकेडों को हटा दिया और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के कार्यालय में तोड़फोड़ की.

उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस चौकी और सिंहद्वार के नजदीक एक सूचना केन्द्र में भी तोड़फोड़ की. इसके बाद टायरों को जला दिया गया और पथराव किया गया. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पथराव में नौ पुलिसकर्मी घायल हो गये जबकि भीड़ के हमले में कई ढांचों को व्यापक नुकसान पहुंचा. इसके कारण स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा.

प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि लाइन लगाकर दर्शन व्यवस्था का आदेश वापस लिया जाए. सेवायतों को डोनेशन लेने का अधिकार मिलना चाहिए. रत्नभंडार की चाबी खोने के मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाए. स्वर्गद्वार का पुनरुद्धार किया जाए. श्रीमंदिर परिसर पर सीढि़यों पर पिंडदान और श्राद्ध की परंपरा जारी रहनी चाहिए. सिद्धमहावीर रेलवे क्रासिंग पर ओवर ब्रिज बनाया जाए. पत्रकार पर हमले की जांच की जाए.