मथुरा: 2019 में होने वाले आम चुनाव से पहले अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर विश्व हिन्दू परिषद एक बार फिर से एक्टिव हो गई है. कई सालों से अयोध्या में राम मंदिर के नाम पर आंदोलन कर रही विश्व हिन्दू परिषद एक बार फिर से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मुद्दे को हवा देने के मूड में है. विश्व हिन्दू परिषद में हाल ही में अधिकारियों को चुनने के लिए चुनाव हुए थे और कई सालों के बाद प्रवीण तोगड़िया को विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष पद से हटाया गया था. इस चुनाव में परिषद की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई थी.

अब विश्व हिंदू परिषद के नवनिर्वाचित कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने शनिवार को कहा है कि हमें पूरी उम्मीद है कि राम मंदिर के मामले में न्यायालय का फैसला हिन्दू समाज के पक्ष में ही आएगा और फिर राम मंदिर निर्माण जल्द ही शुरू हो जाएगा. यदि ऐसा न हुआ तो कानून बनाकर मंदिर निर्माण की बाधाएं दूर की जाएंगी.

कुमार शनिवार से वृन्दावन में परिक्रमा मार्ग स्थित कृष्ण कृपा धाम में प्रारंभ हो रही विहिप के विशेष संपर्क विभाग की दो दिवसीय वार्षिक बैठक में शामिल होने के लिए आए थे. इस बैठक में विहिप के अखिल भारतीय स्तर के पदाधिकारी भाग ले रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘विश्व हिन्दू परिषद अपने 1964 के एजेंडे पर आज भी कायम है. समाज मे समरसता लाना, जातीय द्वेष को दूर करना, हिन्दू परिवारों को टूटने से बचाना और वनों पहाड़ों और सुदूर क्षेत्रों में चल रहे सेवा कार्य को और बढ़ाना आदि अब भी संगठन की प्राथमिकता पर हैं.’’

राम मंदिर के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है, यदि निर्णय आशा के मुताबिक नहीं आता है तो संसद द्वारा कानून बनाकर समस्या का समाधान निकाला जाएगा. मगर अब कम समय के अंदर ही मन्दिर का काम शुरू हो जाएगा, ज्यादा लंबा नहीं खिंचेगा.’’