नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सालाना भारत-रूस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चार अक्टूबर को यहां दो दिन की यात्रा पर आएंगे. दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ावा देना और ईरान के कच्चे तेल के आयात पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा पुतिन की यात्रा के केंद्र में होगी. भारत और रूस के बीच एस 400 मिसाइल सौदे के मद्देनजर ये मुलाकात बेहद अहम होगी. Also Read - इस वृद्ध महिला ने जिंदगी भर की जमापूंजी 10 रुपए पीएम केयर्स फंड में दान दिए

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विदेश मंत्रालय ने पुतिन की यात्रा की घोषणा की. मंत्रालय ने कहा, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर वी पुतिन 19वें भारत-रूस सालाना द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के लिए चार-पांच अक्टूबर को नई दिल्ली का आधिकारिक दौरा करेंगे. सूत्रों ने कहा कि कई दूसरे मुद्दों के अलावा दोनों नेताओं के रूसी रक्षा कंपनियों पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को देखते हुए द्विपक्षीय रक्षा सहयोग का जायजा लेने की संभावना है. Also Read - कोरोना संकट: PM मोदी ने ऑल पार्टी मीटिंग कहा- देश में बढ़ाया जा सकता है लॉकडाउन

यह साफ नहीं है कि दोनों देश पुतिन की यात्रा के दौरान एस-400 मिसाइल सौदे पर अंतिम मुहर लगाने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे या नही. दोनों देशों ने 40,000 करोड़ रुपये के सौदे को लेकर बातचीत करीब करीब पूरी कर ली है.

भारत-रूस रक्षा सौदे पर चर्चा की संभावना

ऐसे संकेत हैं कि भारत अमेरिकी प्रतिबंधों की अनदेखी करते हुए सौदे को लेकर आगे बढ़ेगा. रूस भारत को हथियार और गोला बारूद देने वाला प्रमुख आपूर्तिकर्ता रहा है. सूत्रों ने कहा कि मोदी और पुतिन ईरान से कच्चे तेल के आयात पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के असर को लेकर भी चर्चा करेंगे.

विदेश मंत्रालय ने मोदी के साथ बैठक के अलावा रूसी नेता राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलेंगे और साथ ही कई दूसरे आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. सूत्रों ने बताया कि मोदी और पुतिन व्यापार, निवेश, संपर्क, ऊर्जा, अंतरिक्ष एवं पर्यटन सहित कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग गहराने के तरीके तलाशेंगे.

(भाषा इनपुट)