नई दिल्ली: कर्नाटक के भाजपा अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा ने कहा है कि कांग्रेस के कुछ विधायकों का कांग्रेस विधायक दल की बैठक से दूर रहना और सत्तारूढ़ गठबंधन सहयोगियों के बीच गहरे मतभेद इस बात के संकेत हैं कि आने वाले दिनों में ‘ज्वालामुखी कभी भी फट सकता है.’ कांग्रेस के चार असंतुष्ट विधायक शुक्रवार को हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं हुए, जिसके बाद येदियुरप्पा की यह टिप्पणी सामने आई. यह बैठक कांग्रेस ने अपनी ताकत के प्रदर्शन के इरादे से और एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस-जनता दल (सेक्युलर) की सरकार को गिराने के भाजपा के कथित प्रयास के खिलाफ बुलाई थी. Also Read - Assam Assembly Election 2021: कांग्रेस का वादा- सरकार बनी तो नौकरियों में महिलाओं को देंगे 50 प्रतिशत आरक्षण

येदियुरप्पा ने शुक्रवार को देर शाम यहां कहा, ‘कांग्रेस विधायक दल की बैठक से कांग्रेस विधायकों की गैरमौजूदगी और गठबंधन सहयोगियों के बीच गहरे मतभेद इस बात के संकेत हैं कि आने वाले दिनों में कुछ विस्फोटक हो सकता है. उन्होंने कहा कि उनकी गैरमौजूदगी कांग्रेस विधायकों के प्रचंड गुस्से और रोष को दिखाती है. भाजपा प्रमुख ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरमैया ने जिस लहजे में पार्टी विधायकों को चेतावनी दी, उससे उनकी हताशा और डर का पता चलता है. Also Read - Maharashtra News: विधानसभा अध्यक्ष पद खाली रहने के मुद्दे पर महाराष्ट्र विधानसभा में हंगामा

येदियुरप्पा ने कहा, ‘सिद्धरमैया, आपने जिस लहजे और अंदाज में पार्टी विधायकों को बैठक का नोटिस दिया उससे आपकी हताशा का पता चलता है और यह इस बात का सबूत है कि आप खौफ में हैं. अगर विधायकों के साथ आपका रिश्ता मजबूत और सौहार्दपूर्ण है तो आपने नोटिस में यह क्यों उल्लेख किया कि दलबदल कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी. शुक्रवार की बैठक के बाद सिद्धरमैया ने पत्रकारों को बताया कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक से नदारद रहे विधायकों रमेश जरकिहोली, बी नागेंद्र, उमेश जाधव और महेश कुमाताहल्ली को कांग्रेस नोटिस जारी करेगी. Also Read - केरल विधानसभा चुनाव: भाजपा के सीएम कैंडिडेट होंगे ई श्रीधरन, आखिरी बार दिल्ली मेट्रो की वर्दी में दिखे मेट्रो मैन

येदियुरप्पा ने कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल की उस टिप्पणी की भी आलोचना की कि कर्नाटक में वर्ष 2008 में ‘ऑपरेशन लोटस’ शुरू हुआ था. भाजपा प्रमुख ने कहा कि यह कांग्रेस ही थी जिसने ‘आया राम गया राम’ संस्कृति की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि विधायकों की इस दलबदलू प्रवृत्ति का अन्य दलों पर भी असर पड़ा. उन्होंने कहा, ‘‘वर्ष 1967 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कहा था कि ‘गया राम अब आया राम बन गया है’. इसी साल उनकी संयुक्त मोर्चा सरकार का एक विधायक पार्टी में शामिल हुआ और 15 दिन के अंतराल में उसने तीन बार कांग्रेस छोड़ी थी.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर यह होगा कि सिद्धरमैया और वेणुगोपाल अपने राजनीतिक इतिहास का अध्ययन करें और यह पता करें कि हरियाणा में क्या हुआ था जब कांग्रेस ने जनता पार्टी के 36 विधायकों की मदद से भजन लाल की सरकार बनायी थी. येदियुरप्पा ने कहा कि कांग्रेस ने ही यह संस्कृति शुरू की. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि सिद्धरमैया यह भूल गये हैं कि वह भी इसी संस्कृति के तहत कांग्रेस में शामिल हुए. येदियुरप्पा ने कहा कि भाजपा को सत्ता का लालच नहीं है.