नई दिल्ली. पांच राज्यों में चुनाव की तारीखें आ चुकी हैं और आचार संहिता लग चुका है. राजनैतिक पार्टियां प्रचार में लग गई हैं और सत्ता बनाने के लिए जोड़-तोड़ शुरू हो चुके हैं. नेता मतदाताओं के चक्कर काटने लगे हैं और कुछ ही दिन के लिए सही लोगों को अपनी अहमियत समझ में आने लगी है. ऐसे में हम आपको कुछ जरूरी चीजें बता रहे हैं जिससे अपने राज्य के राजनैतिक दलों या नेताओं को उनके कर्तव्य का ध्यान दिला सकते हैं या एक निश्चित कोड ऑफ कंडक्ट को तोड़ने पर कार्रवाई की अपील कर सकते हैं. ऐसे में मतदाताओं को इन जरूरी चीजों का ध्यान रखना चाहिए…

1- कोई मंत्री अपने शासकीय दौरे का प्रयोग निर्वाचन से संबंधित प्रचार के साथ तो नहीं जोड़ रहा है या फिर निर्वाचन के दरान प्रचार करते हुए शासकीय मशीनरी का प्रयोग तो नहीं कर रहा है.

2- सत्ताधारी पार्टी अपने प्रचार के लिए या फिर चुनाव से जुड़े दूसरे कार्यों के लिए सरकारी विमान, गाड़ी, मशीनरी या किसी अन्य सरकारी चीज का तो प्रयोग नहीं कर रही है.

3- सत्ताधारी पार्टी किसी भी सार्वजनिक स्थान पर सभा करने या फिर हवाई उड़ानों के लिए हैलीपैडों का इस्तेमाल करने के लिए अपने एकाधिकार का प्रयोग तो नहीं कर रही है. इस बात का पूरा ध्यान रखा चाहिए कि सभी अधिकारों का प्रयोग सत्ताधारी दल के साथ-साथ अन्य दल भी प्रयोग कर सकें.

4- कहीं सरकारी खर्चे से सत्ताधारी दल का प्रचार प्रसार तो नहीं हो रहा है. या फिर अखबारों-टीवी चैनलों पर कोई विज्ञापन तो नहीं आ रहा है.

5. आचार संहिता लग जाने के बाद सत्ताधारी दल के द्वारा कोई वित्तीय मंजूरी या वादा तो नहीं हो रहा है.

6. किसी प्रकार की परियोजनाओं या स्कीमों के लिए आधारशिलाएं तो नहीं रखी जा रही हैं.

7. केंद्र या राज्य सरकार के मंत्री, सदस्य या मतदाता अपनी हैसियल को छोड़कर किसी भी मदान केंद्र या गणना स्थल पर जा तो नहीं रहे हैं.