नई दिल्ली/लखनऊ. यूपी के गाजीपुर में शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के बाद हुई पत्थरबाजी की घटना में मारे गए कांस्टेबल के बेटे वीपी सिंह ने बयान दिया है. वीपी सिंह ने कहा है कि पुलिस अपनी सुरक्षा नहीं कर पा रही है तो लोगों की क्या सुरक्षा कर पाएगी? अब मुआवजे के साथ क्या करेंगे? बुलंदशहर और प्रतापगढ़ में भी इस तरह की घटना हुई है.

बता दें कि शनिवार को गाजीपुर जिले में प्रधानमंत्री की रैली के बाद लौट रहे वाहनों पर एक स्थानीय पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पथराव कर दिया. इसमें एक पुलिस सिपाही की मौत हो गई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृत सिपाही के परिजनों को 50 लाख रूपये की आर्थिक सहायता, एक परिजन को नौकरी तथा असाधारण पेंशन दिये जाने के निर्देश दिये हैं.

पुलिस अधीक्षक ने ये कहा था
गाजीपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशवीर सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के कारण राष्ट्रीय निषाद पार्टी के कार्यकर्ता शहर में जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे थे जिनको पुलिस प्रशासन ने रोक रखा था. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब प्रधानमंत्री शहर से चले गये तब पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शहर में कई जगहों पर जाम लगा दिया और रैली से लौट रहे वाहनों पर पथराव करने लगे. इस जाम को खुलवाने में जिले के थाना करीमुद्दीन पुर में पदस्थ सिपाही सुरेश वत्स (48) भी लगे हुये थे. पथराव में एक पत्थर सुरेश के सिर में भी लग गया और वह बुरी तरह से जख्मी हो गये. उन्हें तुंरत अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. एसएसपी के मुताबिक इस दौरान करीब 15 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है और वीडियोग्राफी की मदद से अन्य प्रदर्शनकारियों की पहचान की जा रही है.

प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं सुरेश
शहीद सिपाही सुरेश प्रतापगढ़ के रानीगंज के रहने वाले थे. उधर लखनऊ में अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने एक बयान जारी कर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिपाही सुरेश के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उनकी पत्नी को चालीस लाख रूपये तथा उनके माता-पिता के लिये दस लाख रूपये की सहायता देने के निर्देश दिये है. मुख्यमंत्री ने परिवार के एक सदस्य को नौकरी तथा परिवार को असाधारण पेंशन दिये जाने के भी निर्देश दिये है.