नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को दिल्ली की एक अदालत को बताया कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआई हेलि‍कॉप्टर घोटाले से जुड़े धनशोधन के मामले में गवाहों को धमका रहे हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने यह दावा पुरी की ओर से दायर अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार के समक्ष किया. ईडी ने पूछताछ के लिए पुरी की हिरासत मांगी. एजेंसी ने कहा कि पुरी एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और यदि जमानत प्रदान की गई, तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं और मामले में गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं.

अदालत ने अर्जी पर दलीलें अधूरी रहने के बाद पुरी को गिरफ्तारी से मिला अंतरिम संरक्षण गुरुवार तक बढ़ा दिया. जांच एजेंसी ने अदालत से कहा, पुरी गवाहों को धमका रहे हैं. लोग उनसे डरे हुए हैं. विभिन्न गवाह हैं जिनका आरोप है कि पुरी उन पर दबाव डाल रहे हैं. उसने दावा किया कि जांच अधिकारी को गवाहों से कुछ शिकायतें मिली हैं कि उन्हें पुरी द्वारा धमकाया जा रहा है.

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प्रवर्तन निदेशालय ने कहा, यहां तक कि गत कुछ दिनों के दौरान जब उन्हें अदालत के आदेश के तहत गिरफ्तारी से संरक्षण मिला हुआ था, वह सहयोग नहीं कर रहे थे. जब वह प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश हुए तब उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. एजेंसी ने कहा कि पिछले दो दिनों से उन्होंने संवाद बंद कर दिया है. एजेंसी ने कहा कि पुरी मामले में अन्य आरोपी व्यक्तियों के साथ लगातार संपर्क में हैं.

पुरी ने अपनी अग्रिम जमानत अर्जी में दावा किया कि वह जांच में सहयोग कर रहे हैं और एजेंसी उन्हें राजनीतिक बदले की कार्रवाई के चलते गिरफ्तार करना चाहती है. प्रवर्तन निदेशालय ने इस आरोप से इनकार किया.

वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पुरी की तरफ से पेश होते हुए अदालत से कहा कि यह दिखाने के लिए कोई सामग्री नहीं है कि उनके मुवक्किल सबूतों से छेड़छाड़ कर रहे हैं और अभी तक किसी भी आरोपपत्र में उनका नाम नहीं है.

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पुरी की तरफ से पेश एक अन्य अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने कहा कि उनके मुवक्किल से लगभग 200 घंटे तक पूछताछ की गई है और इसके बावजूद एजेंसी को उनके खिलाफ कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है.

प्रवर्तन निदेशालय इससे पहले कहा था,जांच से यह खुलासा हुआ है कि रतुल पुरी को धनशोधन में शामिल दोनों जरियों से धन प्राप्त हुआ. निदेशालय के अनुसार एक कड़ी में बिचौलिया क्रिश्चियन मिशेल जेम्स और दूसरे में राजीव सक्सेना शामिल था जो कि मामले का सहआरोपी था और हाल में मामले में सरकारी गवाह बन गया.

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हिंदुस्तान पावरप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष पुरी गत 27 जुलाई को अदालत पहुंचे थे और मामले में यह कहते हुए अग्रिम जमानत मांगी थी कि उन्हें मामले में गिरफ्तारी की आशंका है.

अदालत ने गत शनिवार को उन्हें सोमवार तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था, जिसे बाद में बढ़ा दिया गया. पुरी हाल में प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष अगस्ता वेस्टलैंड के साथ 3600 करोड़ रुपए के हेलीकॉटर सौदे के संबंध में पूछताछ के लिए पेश हुए थे. सौदे को अब रद्द कर दिया गया है.