नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय सोमवार को मध्य प्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव के खिलाफ दायर उस याचिका पर सुनवाई करने के लिए राजी हो गया है जिसमें उन्हें बर्खास्त करने की मांग की गई है। व्यापमं मामले में संलिप्तता के आरोप लगने के बाद अधिवक्ताओं के एक समूह ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है। यह भी पढ़े:व्यापमं घोटाला : तीन दिन में 3 मौतें, राजनाथ सिंह का सीबीआई जांच से इंकारAlso Read - Pollution: सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, क्या सेंट्रल विस्टा के कारण दिल्ली में प्रदूषण बढ़ रहा है, मेट्रो को भी दिया ये आदेश

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न्यायाधीश एच.एल. दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को कहा कि मामले की सुनवाई गुरुवार नौ जुलाई को होगी। यह जनहित याचिका ग्वालियर के पांच वकीलों द्वारा दायर की गई है। सभी याचिकाकर्ता मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में वकील हैं। Also Read - Madhya Pradesh: सूदखोर महिलाओं से परेशान होकर परिवार के 5 लोगों ने खाया ज़हर, 4 की मौत

याचिकाकर्ता वकीलों ने कहा, “यादव के खिलाफ करोड़ों रुपये के प्रवेश और भर्ती घोटाले में शामिल होने के गंभीर आरोप लगे हैं। उन्हें राज्य में संवैधानिक पद व कार्यो से दूर रखना चाहिए।” वकीलों ने कहा कि यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने मध्य प्रदेश व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) के द्वारा कराई गई परीक्षा में पांच छात्रों के नाम भेजते हुए वन रक्षकों के पद पर उनके चयन के लिए सिफारिश की थी।

वकीलों ने कहा कि यादव इस षड्यंत्र में पक्षकार हैं। साथ ही उन्होंने इस मामले में मीडिया रिपोर्टो का हवाला देते हुए उसके भी शामिल होने की बात कही। इसी बीच आम आदमी पार्टी (आप) नेता कुमार विश्वास ने भी सोमवार को व्यापमं मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में कराने की मांग करते हुए शीर्ष अदालत में एक याचिका दायर की।