नई दिल्‍ली: जम्‍मू-कश्‍मीर के राज्‍यपाल के रविवार को दिए एक बयान के बाद वहां के पूर्व सीएम उमर अब्‍दुला और सत्‍यपाल मलिक के बीच एक जुबानी जंग छिड़ गई है. नौबत यहां तक आ गई कि उमर अब्‍दुल्‍ला ने कहा कि मलिक को दिल्ली में अपनी प्रतिष्ठा की पड़ताल करनी चाहिए, वहीं राज्‍यपाल मलिक ने उमर को एक राजनीतिक नाबालिग बता दिया. मलिक ने सोमवार को अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि मैं गारंटी करता हूं कि इनके भ्रष्‍टाचार को सबको दिखाकर जाऊंगा, वहीं, अब्‍दुल्‍ला ने कहा कि संवैधानिक पद पर काबिज यह शख्स एक जिम्मेदार व्यक्ति है, जो उग्रवादियों को भ्रष्ट कहे जाने वाले नेताओं को मारने के लिए कहता है. दरअसल, इस विवाद की शुरुआत रविवार को राज्‍यपाल मलिक के उस बयान से हुई थी, जिसमें उन्‍होंने आतंकवादियों से कहा था कि वे सुरक्षाकर्मियों समेत बेगुनाहों की हत्या करना बंद करें और इसके बजाय उन लोगों को निशाना बनाए ”जिन्होंने वर्षों तक कश्मीर की संपदा को लूटा है.”

राज्‍यपाल के बयान के बाद अब्‍दुल्‍ला ने कहा, संवैधानिक पद पर काबिज यह शख्स एक जिम्मेदार व्यक्ति है, जो उग्रवादियों को भ्रष्ट कहे जाने वाले नेताओं को मारने के लिए कहता है. शायद आदमी को गैरकानूनी हत्याओं और कंगारू अदालतों को मंजूरी देने से पहले इन दिनों दिल्ली में अपनी प्रतिष्ठा के बारे में पता लगाना चाहिए.

इनका भ्रष्‍टाचार सबको दिखाकर जाऊंगा
उमर अब्‍दुल्‍ला के ट्वीट के जवाब में राज्‍यपाल सतपाल मलिक ने सोमवार को कहा, न मेरे पास दादा-बाप का नाम, ना तुम्‍हारी तरह रुपया है. डेढ़ कमरे के मकान से यहां आया हूं. राज्‍यपाल ने मीडिया से कहा, मैं आपको गारंटी करता हूं कि इनका जो भ्रष्‍टाचार है, उसे सबको दिखाकर जाऊंगा. राज्‍यपाल मलिक ने यहां देखों मेरी रेपुटेशन, पब्‍लिक से पूछे, मेरी भी पूछो और इनकी भी पूछो. मैं दिल्‍ली में अपनी प्रतिष्‍ठा की वजह से यहां आया हूं और आप अपनी रेपुटेशन की वजह से वहां हो, जहां हो.

ये बयान द‍िया राज्‍यपाल मलिक ने 
राज्‍यपाल और पूर्व सीएम के बीच विवाद की शुरुआत रविवार को मलिक के इस बयान के बाद शुरू हुई, जिसमें उन्‍होंने लद्दाख संभाग के करगिल में एक पर्यटन कार्यक्रम में कहा, ”ये लड़के जिन्होंने हथियार उठाए है वे अपने ही लोगों की हत्या कर रहे हैं, वे पीएसओ (निजी सुरक्षा अधिकारियों) और एसपीओ (विशेष पुलिस अधिकारियों) की हत्या कर रहे हैं. इनकी हत्या क्यों कर रहे हो? उनकी हत्या करो, जिन्होंने कश्मीर की संपदा लूटी है. क्या तुमने इनमें से किसी मारा है?”

अब्‍दुल्‍ला का ट्वीट- मलिक के एक्सप्रेस आदेशों पर हत्या कर दी गई
राज्यपाल के इस बयान की मुख्यधारा के नेताओं ने आलोचना की है. राज्यपाल के इस बयान पर राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो सकता है. इसके बाद उमर अब्‍दुल्‍ला ने ट्वीट किया, इस ट्वीट को सहेजें – आज के बाद जम्मू-कश्मीर में मारे गए किसी भी मुख्यधारा के राजनेता या सेवारत / सेवानिवृत्त नौकरशाह की जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के एक्सप्रेस आदेशों पर हत्या कर दी गई है.

दिल्ली में अपनी प्रतिष्ठा के बारे में पता लगाना चाहिए
राज्‍यपाल के बयान के बाद अब्‍दुल्‍ला ने ट्वीट किया था कि संवैधानिक पद पर काबिज यह शख्स एक जिम्मेदार व्यक्ति है, जो उग्रवादियों को भ्रष्ट कहे जाने वाले नेताओं को मारने के लिए कहता है. शायद आदमी को गैरकानूनी हत्याओं और कंगारू अदालतों को मंजूरी देने से पहले इन दिनों दिल्ली में अपनी प्रतिष्ठा के बारे में पता लगाना चाहिए.

बयान के बाद विवाद शुरू हुआ 
राज्‍यपाल के बयान के बाद विवाद पैदा हो गया. राज्य कांग्रेस प्रमुख जी.ए. मीर से पूछा, क्या वह जंगल राज को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि मलिक जिस संवैधानिक पद पर हैं, उनका यह बयान उसकी गरिमा के खिलाफ है.

हालांकि, राज्यपाल ने फौरन यह भी कहा कि हथियार उठाना कभी भी किसी समस्या का हल नहीं हो सकता और उन्होंने श्रीलंका में लिट्टे का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा, भारत सरकार कभी हथियार के आगे घुटने नहीं टेकेगी. उन्होंने आतंकवादियों से हिंसा का रास्ता नहीं अपनाने को कहा. उन्होंने मुख्यधारा के नेताओं पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि ये नेता दिल्ली में अलग भाषा बोलते हैं और कश्मीर में कुछ और बोलते हैं. (इनपुट- एजेंसी)