नई दिल्‍ली: लोकसभा चुनाव 2019 के बीच जी न्‍यूज को दिए विशेष इंटरव्‍यू में एडिटर-इन- चीफ सुधीर चौधरी के उस सवाल जिसमें पूछा गया कि क्‍या आप शांति के समर्थक हैं या युद्ध के तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, लेकिन शांति निर्बल लोगों को नहीं मिल पाती. समर्थ लोगों को ही शांति मिल पाती है. इसलिए शांति के लिए भारत का सामर्थ्यवान होना जरूरी है. आप सामर्थ्यवान नहीं होंगे, तो सिवाय अशांति के आपके नसीब में कुछ नहीं आएगा.

देश की जनता ने तय कर लिया, आएगा तो मोदी ही’ ये कोई जोक नहीं है
पीएम मोदी से जब पूछा गया कि क्या आपकी लहर चल रही है. उन्होंने कहा, ये प्रो इन्कंबेंसी वेव है. 2014 का चुनाव सरकार के खिलाफ था. ये चुनाव मैं नहीं लड़ रहा. देश की जनता लड़ रही है. पिछले चुनाव में बहुत वोट मिलने पर पीएम मोदी ने कहा, ये बात हम 23 के बाद करेंगे. लेकिन हमारी टेली बढ़ेगी. एनडीए की टेली भी बढ़ेगी. पीएम ने कहा कि 23 मई को रिजल्ट आएगा, एनडीए की मीटिंग होगी, लीडरशिप की विधि पूरी होगी, राष्ट्रपति जी शपथ के लिए बुलाएंगे. इसलिए आप भी अपनी टीम के साथ शपथ ग्रहण की तैयारियां कवर करने की चर्चा कीजिए. आएगा तो मोदी ही’ ये कोई जोक नहीं है, ये वास्तविकता है. देश की जनता ने तय कर लिया है.

पीएम मोदी का प्‍लान बी क्‍या होगा, यदि बीजेपी 272 सीटें पाने में नाकाम रहती है?
23 मई को देश में फिर बीजेपी की सरकार बनेगी. उन्‍होंने कहा कि इस बार बीजेपी को 2014 से ज्‍यादा सीटें मिलेंगी. पीएम मोदी ने कहा, मुझे खुशी होती अगर विपक्ष एक होता, लेकिन वह कन्फ्यूज हैं. वह एक दूसरे के विरोधी हैं, लेकिन मोदी वेव के लिए एक दूसरे का हाथ थामे हुए हैं. चुनाव के बाद वह बिखर जाएंगे.

मुझे बंगाल की बर्बादी की बहुत चिंता
जब पीएम मोदी से सवाल किया गया कि ममता बनर्जी आपका फोन नहीं उठाती है तो जवाब में उन्‍होंने कहा कि क्या भारत का संविधान ये कहने की अनुमति देता है कि मैं देश के प्रधानमंत्री को अपना प्रधानमंत्री नहीं मानता. ये संविधान पर अविश्वास की अभिव्यक्ति है. मुझे दिक्कत ममता जी या TMC से नहीं है. लेकिन बंगाल की बर्बादी बहुत गंभीर समस्या है ये देश के लिए खतरा है. इस तरह की सोच और व्यक्तित्व देश के संविधान के लिए खतरा है, ये सामान्य चीज नहीं है.