Watch PM Narendra Modi addresses in Varanasi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसदीय क्षेत्र वाराणसी (PM Narendra Modi addresses in Varanasi) में लोगों को संबोधित करते हुए सभी को देव दीपावली और गुरुपर्व की ढेर सारी बधाईयां और शुभकामनाएं दीं. पीएम आज यहां ‘देव दीपावली’ उत्सव का पहला ‘दीया’ प्रज्जवलित करेंगे. Also Read - Parakram Diwas: नेताजी सुभाष चंद्र बोस को पीएम मोदी ने किया नमन, बोले- देश सदा याद रखेगा आपको

प्रधानमंत्री ने कहा, “देव दीपावली और गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव पर आज काशी को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का एक और उपहार मिल रह है. इसका लाभ काशी के साथ ही प्रयागराज के लोगों को भी होगा, आप सभी को बहुत-बहुत बधाई.” Also Read - भारत ने बांग्लादेश को गिफ्ट किया कोरोना टीका, शेख हसीना ने पीएम मोदी को कहा धन्यवाद

PM मोदी ने किया 6-लेन हाइवे का लोकार्पण

प्रधानमंत्री वाराणसी में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के हंडिया (प्रयागराज)- राजातालाब (वाराणसी) खंड की 6 लेन चौड़ीकरण परियोजना राष्ट्र को समर्पित किया. ये चौड़ीकरण परियोजना 2,447 करोड़ रुपये की लागत की है. इससे प्रयागराज और वाराणसी के बीच की यात्रा के समय में एक घंटे की कमी आने की उम्मीद है. Also Read - सफाईकर्मी अप्सरी बेगम ने कोरोना वैक्सीन को लेकर ऐसा क्या कहा, जो पीएम मोदी हुए खुश, बोले...

उन्होंने कहा, “मुझे याद है कि 2013 में मेरी पहली जनसभा इसी मैदान पर हुई थी. तब यहां से गुजरने वाला हाइवे 4 लेन का था. आज बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से ये 6 लेन का हो गया है.” प्रधानमंत्री ने कहा कि इस हाइवे के चौड़ा होने से काशी और प्रयागराज के बीच आना जाना और आसान हो गया है. कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों और इस क्षेत्र के लोगों को होने वाली परेशानियां समाप्त हो जाएंगी. इसका लाभ कुंभ के दौरान भी मिलेगा.

उन्होंने कहा, “बीते वर्षों में काशी के सुंदरीकरण के साथ-साथ यहां की कनेक्टिविटी में जो काम हुआ है, उसका लाभ अब दिख रहा है. नए हाइवे बनाना हो, पुल-फ्लाई ऑवर बनाना हो, जितना काम बनारस और आस-पास के क्षेत्रों में अब हो रहा है, उतना आजादी के बाद कभी नहीं हुआ.”

आज उत्तर प्रदेश की पहचान एक्सप्रेस प्रदेश के रूप में हो रही: पीएम

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति क्या थी, ये आप भली-भांति जानते हैं. उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की पहचान एक्सप्रेस प्रदेश के रूप में हो रही है. 3-4 साल पहले यूपी में सिर्फ दो बड़े एयरपोर्ट प्रभावी रूप से काम कर रहे थे. आज करीब एक दर्जन एयरपोर्ट यूपी में सेवा के लिए तैयार हो रहे हैं. वाराणसी के एयरपोर्ट के विस्तार का काम चल रहा है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब किसी क्षेत्र में आधुनिक कनेक्टिविटी का विस्तार होता है, तो इसका बहुत लाभ हमारे किसानों को होता है. बीते वर्षों में ये प्रयास हुआ है कि गांवों में आधुनिक सड़कों के साथ भंडारण, कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्थाएं खड़ी की जाएं. इसके लिए 1 लाख करोड़ रुपए का फंड भी बनाया गया है.

किसानों को अब बड़ी सुविधा मिली है: पीएम

पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा, “वाराणसी में पेरिशेबल कार्गो सेंटर बनने के कारण अब यहां के किसानों को अब फल और सब्जियों को स्टोर करके रखने और उन्हें आसानी से बेचने की बहुत बड़ी सुविधा मिली है. इस स्टोरेज कैपेसिटी के कारण पहली बार यहां के किसानों की उपज बड़ी मात्रा में निर्यात हो रही है.”

पीएम मोदी ने कहा, “सामान्य चावल जहां 35-40 रुपए किलो के हिसाब से बिकता है, वहीं ये बेहतरीन चावल 300 रुपए तक बिक रहा है. बड़ी बात ये भी है कि ब्लैक राइस को विदेशी बाज़ार भी मिल गया है. पहली बार ऑस्ट्रेलिया को ये चावल निर्यात हुआ है, वो भी करीब साढ़े 800 रुपए किलो के हिसाब से.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि चंदौली के किसानों की आय को बढ़ाने के लिए 2 साल पहले काले चावल की एक वैरायटी का प्रयोग यहां किया गया था. पिछले साल खरीफ के सीज़न में करीब 400 किसानों को ये चावल उगाने के लिए दिया गया. इन किसानों की एक समिति बनाई गई, इसके लिए मार्केट तलाश किया गया. उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों औऱ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से किसानों को कितना लाभ हो रहा है, इसका एक बेहतरीन उदाहरण चंदौली का काला चावल-ब्लैक राइस है. ये चावल चंदौली के किसानों के घरों में समृद्धि लेकर आ रहा है.

भारत के कृषि उत्पाद पूरी दुनिया में मशहूर: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के कृषि उत्पाद पूरी दुनिया में मशहूर हैं. क्या किसान की इस बड़े मार्केट और ज्यादा दाम तक पहुंच नहीं होनी चाहिए? अगर कोई पुराने सिस्टम से ही लेनदेन ही ठीक समझता है तो, उस पर भी कहां रोक लगाई गई है?. उन्होंने कहा कि नए कृषि सुधारों से किसानों को नए विकल्प और नए कानूनी संरक्षण दिए गए हैं. पहले मंडी के बाहर हुए लेनदेन ही गैरकानूनी थे. अब छोटा किसान भी, मंडी से बाहर हुए हर सौदे को लेकर कानूनी कार्यवाही कर सकता है. किसान को अब नए विकल्प भी मिले हैं और धोखे से कानूनी संरक्षण भी मिला है.”

विरोध का आधार फैसला नहीं बल्कि आशंकाओं को बनाया जा रहा है: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, “सरकारें नीतियां बनाती हैं, कानून-कायदे बनाती हैं. नीतियों और कानूनों को समर्थन भी मिलता है तो कुछ सवाल भी स्वभाविक ही है. ये लोकतंत्र का हिस्सा है और भारत में ये जीवंत परंपरा रही है. लेकिन पिछले कुछ समय से एक अलग ही ट्रेंड देश में देखने को मिल रहा है. पहले होता ये था कि सरकार का कोई फैसला अगर किसी को पसंद नहीं आता था तो उसका विरोध होता था. लेकिन बीते कुछ समय से हम देख रहे हैं कि अब विरोध का आधार फैसला नहीं बल्कि आशंकाओं को बनाया जा रहा है.”

पीएम मोदी ने कहा, “अपप्रचार किया जाता है कि फैसला तो ठीक है लेकिन इससे आगे चलकर ऐसा हो सकता है. जो अभी हुआ ही नहीं, जो कभी होगा ही नहीं, उसको लेकर समाज में भ्रम फैलाया जाता है. कृषि सुधारों के मामले में भी यही हो रहा है. ये वही लोग हैं जिन्होंने दशकों तक किसानों के साथ लगातार छल किया है.”

सालों तक MSP को लेकर छल किया गया: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि MSP तो घोषित होता था लेकिन MSP पर खरीद बहुत कम की जाती थी. सालों तक MSP को लेकर छल किया गया. किसानों के नाम पर बड़े-बड़े कर्जमाफी के पैकेज घोषित किए जाते थे. लेकिन छोटे और सीमांत किसानों तक ये पहुंचते ही नहीं थे. यानि कर्ज़माफी को लेकर भी छल किया गया.

उन्होंने कहा कि किसानों के नाम पर बड़ी-बड़ी योजनाएं घोषित होती थीं. लेकिन वो खुद मानते थे कि 1 रुपए में से सिर्फ 15 पैसे ही किसान तक पहुंचते थे. यानि योजनाओं के नाम पर छल. पीएम ने कहा, “जब इतिहास छल का रहा हो, तब 2 बातें स्वभाविक हैं. पहली ये कि किसान अगर सरकारों की बातों से कई बार आशंकित रहता है तो उसके पीछे दशकों का इतिहास है. दूसरी ये कि जिन्होंने वादे तोड़े, छल किया, उनके लिए ये झूठ फैलाना मजबूरी बन चुका है कि जो पहले होता था, वही अब भी होने वाला है.”

पीएम ने कहा कि जब इस सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड देखेंगे तो सच अपने आप सामने आ जाएगा. हमने कहा था कि हम यूरिया की कालाबाज़ारी रोकेंगे और किसान को पर्याप्त यूरिया देंगे. बीते 6 साल में यूरिया की कमी नहीं होने दी. यहां तक कि लॉकडाउन तक में जब हर गतिविधि बंद थी, तब भी दिक्कत नहीं आने दी गई.

किसानों के बैंक खाते तक पहुंचाया डेढ़ गुणा MSP का वादा: पीएम

उन्होंने कहा, “हमने वादा किया था कि स्नामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुकूल लागत का डेढ़ गुणा MSP देंगे. ये वादा सिर्फ कागज़ों पर ही पूरा नहीं किया गया, बल्कि किसानों के बैंक खाते तक पहुंचाया है.” उन्होंने कहा, “सिर्फ दाल की ही बात करें तो 2014 से पहले के 5 सालों में लगभग साढ़े 6 सौ करोड़ रुपए की ही दाल किसान से खरीदी गईं. लेकिन इसके बाद के 5 सालों में हमने लगभग 49 हज़ार करोड़ रुपए की दालें खरीदी हैं यानि लगभग 75 गुणा बढ़ोतरी.”

2014 से किसानों को मिला लगभग 2 गुणा लाभ: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले के 5 सालों में पहले की सरकार ने 2 लाख करोड़ रुपए का धान खरीदा था. लेकिन इसके बाद के 5 सालों में 5 लाख करोड़ रुपए धान के MSP के रूप में किसानों तक हमने पहुंचाए हैं. यानि लगभग ढाई गुणा ज्यादा पैसा किसान के पास पहुंचा है. 2014 से पहले के 5 सालों में गेहूं की खरीद पर डेढ़ लाख करोड़ रुपए के आसपास ही किसानों को मिला. वहीं हमारे 5 सालों में 3 लाख करोड़ रुपए गेहूं किसानों को मिल चुका है यानि लगभग 2 गुणा.

प्रधानमंत्री ने MSP को लेकर किसानों आशंकाओं पर कहा, “अब आप ही बताइए कि अगर मंडियों और MSP को ही हटाना था, तो इनको ताकत देने, इन पर इतना निवेश ही क्यों करते? हमारी सरकार तो मंडियों को आधुनिक बनाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है.”

लगभग 1 लाख करोड़ रुपए किसानों तक पहुंच भी चुका है: PM

उन्होंने कहा, “आपको याद रखना है, यही लोग हैं जो पीएम किसान सम्मान निधि को लेकर ये लोग सवाल उठाते थे. ये लोग अफवाह फैलाते थे कि चुनाव को देखते हुए ये पैसा दिया जा रहा है और चुनाव के बाद यही पैसा ब्याज सहित वापस देना पड़ेगा.” प्रधानमंत्री ने कहा कि एक राज्य में तो वहां की सरकार, अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते आज भी किसानों को इस योजना का लाभ नहीं लेने दे रही है. देश के 10 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों के बैंक खाते में सीधी मदद दी जा रही है. अब तक लगभग 1 लाख करोड़ रुपए किसानों तक पहुंच भी चुका है.”

किसान परिवारों की अभी भी कुछ चिंताएं हैं, सरकार निरंतर जवाब दे रही है: PM

पीएम मोदी ने कहा, “मुझे ऐहसास है कि दशकों का छलावा किसानों को आशंकित करता है. लेकिन अब छल से नहीं गंगाजल जैसी पवित्र नीयत के साथ काम किया जा रहा है. आशंकाओं के आधार पर भ्रम फैलाने वालों की सच्चाई लगातार देश के सामने आ रही है. जब एक विषय पर इनका झूठ किसान समझ जाते हैं, तो ये दूसरे विषय पर झूठ फैलाने लगते हैं.”

उन्होंने कहा, “जिन किसान परिवारों की अभी भी कुछ चिंताएं हैं, कुछ सवाल हैं, तो उनका जवाब भी सरकार निरंतर दे रही है. मुझे विश्वास है, आज जिन किसानों को कृषि सुधारों पर कुछ शंकाएं हैं, वो भी भविष्य में इन कृषि सुधारों का लाभ उठाकर, अपनी आय बढ़ाएंगे.”