Cyclone Fani : चक्रवाती तूफान ‘फोनी’ शुक्रवार सुबह ओडिशा के पुरी तट से टकराया. इसके असर से कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है. इन इलाकों में 175 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं और ये 200 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं. जगह-जगह पेड़ उखड़ गए हैं और राजधानी भुवनेश्वर समेत कई स्थानों पर कच्चे मकान और झोपड़ियां तबाह हो गई हैं. समुद्र के किनारे बसे पुरी शहर के कई इलाकों सहित तमाम जगहों में पानी भर गया है. राज्य के सभी तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है. कम से कम 11 तटीय जिलों के निचले और संवेदनशील इलाकों से करीब 11 लाख लोगों को सुरक्षित जगह पर ले जाया गया है.  इन लोगों को 4,000 शिविरों में ठहराया गया है. इनमें से खास तौर पर चक्रवात के लिए बनाए गए 880 केंद्र शामिल हैं. प्रेस इंफोर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने एक वीडियो ट्वीट किया है, जिसमें पुरी तट पर ‘फोनी’ के टकराने के बाद भयानक मंजर को दिखाया गया है.

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर के मुताबिक चक्रवात सुबह करीब आठ बजे पुरी तट पर पहुंचा और चक्रवात के पहुंचने की प्रक्रिया पूरी होने में करीब तीन घंटे का समय लगेगा. चक्रवात के कारण गंजाम, पुरी, खोरधा और गजपति जैसे कई तटीय जिलों में प्रचंड हवा चल रही है. ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने लोगों से अपील की है कि वे इस दौरान घरों के अंदर ही रहें. उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं.

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इस बीच, नई दिल्ली से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने राहत इंतजाम के लिए अपने पोत और कर्मियों को तैनात किया है. तट रक्षक बल ने ट्वीट कर कहा कि चक्रवाती तूफान फोनी को देखते हुए 34 राहत दलों और चार तटरक्षक पोतों को राहत कार्य के लिए तैनात किया गया है.