नई दिल्ली: रेलगाड़ियों में पानी की कमी अब जल्द ही बीते जमाने की बात होने जा रही है क्योंकि रेलवे एक ऐसी प्रणाली लेकर आ रही है जिसके तहत अभी इन कोचों में पानी भरने में जहां 20 मिनट तक का समय लगता है, वह सिर्फ पांच मिनट में पूरा हो जाएगा. रेलवे इस प्रणाली की शुरुआत अगले साल मार्च से 142 से ज्यादा उन स्टेशनों पर शुरू करने जा रही है, जहां ट्रेनों में पानी भरने की प्रणाली लगी हुई है.

पांच मिनट में टैंक फुल
हाल ही में रेल बोर्ड ने इस परियोजना के लिए 300 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है. लंबी दूरी वाली ट्रेनों में शौचालय और वाश-बेसिन के लिए प्रत्येक 300-400 किलोमीटर की दूरी पर पानी भरा जाता है. यह तब भी भरे जाते हैं जब यह खाली नहीं होते हैं, ताकि रेलवे कोच में पानी कि दिक्कत न हो लेकिन कई बार सीमित समय के हाल्ट के चलते खाली हो चुके वाटर टैंक में पानी पूरा नहीं भर पाता है और जिसके चलते यात्रियों को असुविधा होती है. लेकिन अब पानी भरने की तेज प्रणाली का इस्तेमाल करके 24 कोच वाली ट्रेन में पांच मिनट के भीतर पानी भरा जा सकता है. यहां तक कि कई ट्रेनों में एकसाथ पानी भरा जा सकता है.

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अब पानी की दिक्कत नहीं
रेलवे बोर्ड के सदस्य (रॉलिंग स्टॉक) राजेश अग्रवाल ने बताया, ‘‘पहले ट्रेनों में चार इंच वाले पाइप की मदद से पानी भरा जाता था. अब इसकी जगह छह इंच वाले पाइप हाई पावर मोटर के साथ लगाए जाएंगे. ट्रेन कोचों में पानी एससीएडीए (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन) कंप्यूटरकृत प्रणाली के जरिए आपूर्ति की जाएगी. इसे आरडीएसओ ने तैयार किया है. रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रेलवे के पास कोचों में पानी की समस्या की काफी शिकायतें आती थी. अब इस प्रणाली की वजह से पानी की दिक्कत नहीं होगी. (इनपुट एजेंसी)

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