नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी ने सोमवार को कहा कि पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने से बचने के लिहाज से प्रौद्योगिकी मुहैया कराने में किसानों की मदद की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों की है. इससे कुछ घंटे पहले ही केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह वायु गुणवत्ता में सुधार के बजाय खुद के प्रचार में व्यस्त है. जावड़ेकर ने कहा था कि दिल्ली सरकार को किसानों को वायु प्रदूषण के मुद्दे से निपटने के लिए 1500 करोड़ रुपये देने चाहिए जिसे आप सरकार ने विज्ञापनों पर खर्च कर दिया.

पर्यावरण मंत्री का बयान दिल्ली के मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के इस हालिया बयान के खिलाफ था कि पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए केंद्र द्वारा दी गयीं 40 हजार मशीनें 22 लाख किसानों की मदद नहीं कर सकतीं. वरिष्ठ आप नेता संजय सिंह ने सोमवार को कहा कि संबंधित राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि अपने किसानों की मदद करें तथा उन्हें पराली जलाने से रोकने के लिए प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराएं. उन्होंने कहा, ‘‘मैं पर्यावरण मंत्री को चुनौती देता हूं कि साबित करके दिखाएं कि हमने दिल्ली के बजट से एक भी पाई विज्ञापनों के लिए ली है.’’

सिंह ने कहा, ‘‘हम भुगतान क्यों करेंगे? एनजीटी और उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देशों के अनुसार पंजाब और हरियाणा के किसानों की मदद करने तथा उन्हें तकनीक मुहैया कराने की जिम्मेदारी वहां की राज्य सरकारों की है.’’ सिंह ने जावड़ेकर पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पिछले एक महीने में पर्यावरण मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण के समाधान खोजने के लिए राज्य सरकारों के साथ तीन बैठकें रद्द कर दीं. उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा सरकार को प्रदूषण के मुद्दे में दिलचस्पी नहीं है. मैं केंद्र सरकार से अनुरोध करना चाहता हूं कि दलीय राजनीति से हटकर वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के कदम उठाकर भारत की बेहतरी के लिए काम करें.’’

(इनपुट भाषा)