भुवनेश्वर। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए सरकार तत्काल समाधान पर विचार कर रही है. पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज ये बात कही. उन्होंने ओडिशा सरकार से भी अनुरोध किया किया कि वह पेट्रोलियम उत्पादों पर मूल्यवर्द्धित कर (वैट) घटाए. बता दें कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें में पिछले कुछ दिनों में जबरदस्त उछाल आया है. इसे लेकर लोगों में नाराजगी नजर आ रही है और विपक्षी दलों ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है. Also Read - तेल की कीमतों को लेकर राहुल और प्रियंका ने केंद्र से पूछा- किसके लिए सूटकेस में इकट्ठा हो रहा पैसा..?

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प्रधान ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पेट्रोलियम मंत्रालय पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कम करने के लिए पेट्रोलियम उत्पादों को माल एवं सेवाकर (जीएसटी) के दायरे में लाने के पक्ष में है. लेकिन तब तक के लिए हम किसी तत्काल समाधान पर विचार कर रहे हैं. हम निश्चित तौर पर समाधान के लिए कोई रास्ता निकाल लेंगे.

प्रधान ने कहा कि इंटरनेशनल मार्केट की स्थिति के चलते ऐसा हो रहा है. डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कीमत भी गिर रही है. हम तेल के दामों को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं. जीएसटी एक विकल्प है इसके अलावा दूसरे उपायों पर भी विचार हो रहा है.

आसमान छू रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, मध्यप्रदेश में टूटा रिकॉर्ड

उन्होंने कहा कि पिछले साल अक्तूबर में केंद्र सरकार ने गरीबों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए ईंधन पर दो रुपये प्रति लीटर का उत्पाद शुल्क घटाया था. इस बार केंद्र सरकार लघु और दीर्घवधि दोनों तरह के समाधान पर विचार कर रही है.

फडणवीस ने भी की जीएसटी की वकालत

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने भी आज कहा कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा आम सहमति बनाने से ईंधन की कीमतें नीचे आ जाएंगी. फडणवीस ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय भाव पर निर्भर करती हैं. उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतें कम करने के बारे में एक कार्यबल पहले ही कोशिशें कर रही हैं. अगर पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है तो इससे कीमतें कम हो जाएंगी. महाराष्ट्र इसके लिए पहले ही सहमति दे चुका है.

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दिल्ली में इतनी है कीमत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते सरकारी तेल कंपनियों ने लगातार 11 वें दिन घरेलू दरों में वृद्धि की. दिल्ली में पेट्रोल 77.47 रुपये प्रति लीटर और डीजल 68.53 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है.

जनता नाराज, विपक्ष ने बनाया मुद्दा

बता दें कि कर्नाटक चुनाव खत्म होते ही तेल कंपनियों ने तेल के दाम बढ़ाने का सिलसिला शुरू कर दिया था और उसके बाद से लगातार 10 दिन तक दाम बढ़ाए गए. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 77.47 रुपये और मुंबई में सबसे ज्यादा करीब 85 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है. पेट्रोल-डीजल के दाम अब तक के सबसे उंचे स्तर पर पहुंच गए हैं. लोगों की नाराजगी और विपक्ष की ओर से इसे मुद्दा बनाए जाने के बाद सरकार भी अलर्ट है और राहत देने पर विचार हो रहा है.