गुड़गांव: सीआरपीएफ प्रमुख ने मंगलवार को कहा कि करीब एक साल पहले पुलवामा आतंकी हमले के बाद बल ने अपनी रणनीति में ‘‘बदलाव’’ करते हुए सुरक्षा अभ्यासों को बेहतर किया है . सीआरपीएफ के महानिदेशक (डीजी) ए पी माहेश्वरी ने कहा कि आतंकवाद रोधी अभियानों की बहुआयामी प्रकृति के कारण कोई भी गारंटी नहीं दे सकता कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी. हालांकि, उनका बल आश्वस्त कर सकता है और गारंटी दे सकता है कि आतंकी तत्वों के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ भिड़ना आसान नहीं होगा, जिसने कश्मीर घाटी में आतंक रोधी अभियानों में 70,000 से ज्यादा जवानों को तैनात कर रखा है . Also Read - Jammu & Kashmir: Anantnag में Encounter में 4 आतंकी ढेर, मुठभेड़ जारी

माहेश्वरी ने बल के कैंप में यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम लड़ाकू बल हैं. हमने अपने सुरक्षा अभ्यासों को बेहतर किया है, प्रशिक्षण के लिए अपनी क्षमता को बेहतर बनाया है. साजो-सामान, रणनीति, आवाजाही और स्थानांतरण के लिहाज से बेहतर हुए हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम बेहतर हुए हैं. हमारा मानना है कि हम नुकसान से सबक ले सकते हैं और ये हमें सफलता की ओर ले जाने वाले होने चाहिए. जो भी सफलताएं वहां मिली हैं वो नाकामी के बाद आयी है . ’’ Also Read - Jammu & Kashmir:Terrorists ने अनंतनाग में CRPF वाहन को निशाना बनाने किया IED Blast

डीजी ने कहा कि अभियान में हिस्सा लेने वाले जानते हैं कि कोई भी (पुलवामा हमले के खिलाफ) गारंटी नहीं दे सकता लेकिन हम इसकी गारंटी देते हैं कि अगर वे (आतंकवादी) हमें निशाना बनाएंगे तो वे जिंदा नहीं लौटेंगे या हम उनका पता लगाकर उन्हें खत्म कर देंगे. Also Read - Pulwama Attack: पुलवामा हमले की दूसरी बरसी पर टला बड़ा हादसा, जम्मू में 7 किलो विस्फोटक मिला

(इनुपुट भाषा)