नई दिल्ली: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत और नेपाल के बीच गहरे संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके बीच ”रोटी और बेटी’ का संबंध है और दुनिया की कोई ताकत इसे तोड़ नहीं सकती. उन्होंने कहा, ”हमारे बीच केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध नहीं हैं, बल्कि आध्यात्मिक संबंध भी हैं और भारत इसे कभी भूल नहीं सकता.” उन्होंने कहा, ”भारत और नेपाल के बीच संबंध कैसे टूट सकते हैं?” Also Read - भारत को मिला अमेरिका का समर्थन, माइक पॉम्पिओ बोले- चीन को भारत ने दिया सही जवाब

रक्षा मंत्री ने उत्तराखंड के लिए एक डिजिटल रैली में कहा भारत द्वारा लिपुलेख दर्रे तक बनाई गई सड़क के पूरी तरह भारतीय क्षेत्र में होने की बात पर जोर देते हुए कहा कि उनकी सरकार नेपाल के साथ ”गलतफहमियों” को बातचीत के जरिए हल करने में विश्वास रखती है. Also Read - पाकिस्तान ने कहा- कुलभूषण जाधव ने अपील दायर करने से मना किया, भारत ने दावे को बताया ‘स्वांग’

दरअसल, नेपाल की संसद ने शनिवार को देश के नए राजनीतिक नक्शे को अद्यतन करने के लिए संविधान में संशोधन के लिए सर्वसम्मति से मतदान किया हैं. वह सीमा पर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तीन इलाकों पर अपना दावा कर रहा है. Also Read - विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने की अमेरिकी उप विदेशमंत्री से बात, हिंद-प्रशांत, कोविड-19 से निपटने को लेकर हुई चर्चा

सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत द्वारा बनाई गई सड़क से यदि नेपाल के लोगों में कोई गलतफहमी हुई है तो उसे बातचीत के जारिए दूर किया जाएगा. रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत के लोगों के मन में नेपाल के लिए कोई कड़वाहट हो ही नहीं सकती.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 को समाप्त करने, तीन तलाक को समाप्त करने जैसे वादों को पूरा किया है. उन्होंने कहा कि नेताओं के वादों और उनके कामों में जो अंतर है, उसने विश्वसनीयता का संकट पैदा कर दिया था लेकिन मोदी सरकार ने पार्टी के घोषणापत्र में कही गई बातों पर अमल करके इस पर विजय पाई है.