Wear masks even indoors देश कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर का सामना कर रहा है, इस बीच सरकार ने लोगों की आशंकाओं को दूर करने का प्रयास करते हुए कहा है कि अनावश्यक अफरातफरी से लाभ के बजाय नुकसान हो रहा है. टीकाकरण और कोविड-19 से बचाव के लिए उपयुक्त व्यवहार अपनाने पर जोर देते हुए सरकार ने सलाह दी है कि यह ऐसा समय है कि लोगों को घर के भीतर भी मास्क पहनना चाहिए. सरकार ने टीकाकरण अभियान की गति को तेज करने की पैरवी की और कहा कि महिलाएं माहवारी के समय टीके की खुराक ले सकती हैं.Also Read - वैष्णवी फाल्के को बड़ी जिम्मेदारी, भारत की 20 सदस्यीय जूनियर महिला टीम की अगुआई करेंगी

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कई लोग डर से अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं. उन्होंने जोर दिया कि डॉक्टरों की सलाह पर ही अस्पताल में भर्ती होना चाहिए. चिकित्सकीय ऑक्सीजन की कमी पर सरकार ने कहा है कि भारत में पर्याप्त चिकित्सकीय ऑक्सीजन उपलब्ध हैं लेकिन इसे अस्पतालों तक पहुंचाना चुनौती है. सरकार ने अस्पतालों से तर्कसंगत तरीके से ऑक्सीजन का इस्तेमाल करने को कहा है. मरीजों को रेमडेसिविर और टोसिलिजुमाब जैसी दवा भी तार्किक तरीके से लिखने पर जोर दिया है. Also Read - QUAD सामरिक ही नहीं अर्थव्यवस्था का भी बनेगा स्तम्भ; भारत, जापान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया ने दुनिया को दिखाया दम

सरकार ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति सामाजिक दूरी के नियम का पालन नहीं करे तो वह 30 दिन में 406 लोगों को संक्रमित कर सकता है. अगर संक्रमित व्यक्ति की गतिविधि 50 प्रतिशत तक थम जाए तो इस अवधि में केवल 15 लोग संक्रमित होंगे. वहीं गतिविधि 75 प्रतिशत तक घटने पर एक व्यक्ति 30 दिनों में 2.5 लोगों को संक्रमित कर सकता है. Also Read - क्वाड से बौखलाए चीन का War Plan लीक, चीन को चारों ओर से घेरेंगी Quad Countries | Watch Video  

सरकार ने कहा कि समय आ गया है कि लोगों को घरों में भी मास्क पहनना चाहिए. अग्रवाल ने कहा कि देश में अब तक कोविड-19 रोधी टीके की 14.19 करोड़ खुराकें दी गयी हैं. इनमें से 45 साल से अधिक उम्र के 9.79 करोड़ लोगों को पहली खुराक और 1.03 करोड़ लोगों को दूसरी खुराक दी गयी है.

(इनपुट भाषा)