नई दिल्‍ली: देश में अगले 24 घंटे पूर्वी मध्‍य प्रदेश, पूर्वी राजस्‍थान के इलाके में और इससे लगे गुजरात सब-डिविजन में बारिश और बाढ़ का भारी खतरा है. वहीं, आगामी 24 घंटे में कोंकण और गोवा सब-डिविजन में अचानक बारिश और बाढ़ का मध्‍यम से हाई रिस्‍क है. मौसम विभाग ने ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और गुजरात में और बारिश होने का अनुमान जताया है. Also Read - मुख्‍यमंत्री के खाने के पैकेट की रोटियां ठंडी हुईं तो अधिकारी सस्‍पेंड, मामला गर्माते ही हुई बहाली

मौसम विभाग ने आगामी दो घंटे में बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, श्रीगंगानगर, उदयपुर, चूरू, अलवर, कोटा, अजमेर, दौसा, करौली, टोंक, बारां, जयपुर, भरतपुर, बूंदी और सवाईमाधोपुर जिलों और आसपास के क्षेत्रों में गरज के साथ हल्‍की बारिश होने की संभावना जताई. Also Read - Jaipur: युवक ने फाइनल ईयर की एग्‍जाम देने आई छात्रा को कॉलेज के पास गोली मारी, अस्‍पताल में सांसें थमीं

यहां भारी से भारी बारिश हुई
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को अपने बुलेटिन में कहा था कि पूर्वी राजस्थान के दूरदराज के क्षेत्रों में भारी से भारी बारिश हुई और कोंकण तथा गोवा, तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों असम तथा मेघालय के दूरदराज के क्षेत्रों में भारी बारिश हुई है.

यूपी के 16 जिलों के 875 गांवों में जनजीवन अस्तव्यस्त
बता दें कि नदियों की बाढ़ से उत्तर प्रदेश के 16 जिलों के 875 गांवों में जनजीवन अस्तव्यस्त है. इनमें से 578 का सम्पर्क बाकी क्षेत्रों से कट गया है. प्रदेश के राहत आयुक्त संजय गोयल ने गुरुवार को बताया था कि इस समय खतरे के निशान से ऊपर बह रही शारदा, राप्ती और घाघरा नदियों की बाढ़ से प्रदेश के आम्बेडकर नगर, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, देवरिया, फर्रूखाबाद, गोण्डा, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी, कुशीनगर, पीलीभीत, संतकबीर नगर तथा सीतापुर के 875 गांव प्रभावित हैं. इनमें से 578 गांव टापू से बन गये हैं और उनका सम्पर्क अन्य स्थानों से पूरी तरह कट गया है.

छत्‍तीसगढ़ के सुकमा जिले नदी और नाले ओवरफ्लो
छत्‍तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कुछ हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ क्योंकि भारी बारिश के कारण नदी और नाले ओवरफ्लो हो गए. एसडीओपी सुकमा ने कहा, “जगह पर सभी व्यवस्थाएं, स्टैंडबाय पर रखीं गईं हैं. गर पानी का स्तर और बढ़ जाता है तो हम लोगों को दूसरी जगह ले जाएंगे. उन्हें ग्राम पंचायत द्वारा भोजन प्रदान किया जा रहा है.”

ओडिशा में भारी बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त
ओडिशा में भारी बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया और मकानों को नुकसान हुआ है. विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) पी के जेना ने कहा कि राज्य में बुधवार से 59 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई. अधिकारियों ने बताया कि नबरंगपुर जिले में सबसे अधिक 130.6 मिमी बारिश हुई.