नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार की सुबह ठिठुरन भरी रही और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अधिकतम तापमान सामान्य से कम 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया तथा न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो इस साल का इस वक्त का सामान्य तापमान है.

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आर्द्रता 100 और 56 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि शनिवार को सुबह धुंध भरी होगी लेकिन दोपहर तक आसमान साफ हो जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि शनिवार का अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 21 डिग्री और 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा. गुरुवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 20.8 और 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.

हालांकि, राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता फिर से खराब श्रेणी में पहुंच गई है. बारिश के चलते गुरुवार को सुधार होने के बाद शुक्रवार को यह फिर से ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गई. अधिकारियों ने कहा है कि यह अगले दो दिन में और ज्यादा खराब होगी. शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 247 तक गिर गया जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है.

बारिश होने के बाद प्रदूषक तत्वों के बह जाने के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दो महीने से ज्यादा समय में गुरुवार को वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी की दर्ज की गई थी. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के डेटा के अनुसार तीन क्षेत्रों- जहांगीरपुरी, वजीरपुर और सीआरआई मथुरा रोड- में वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई जबकि 25 क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में और चार क्षेत्रों में ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज की गई.

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केन्द्र संचालित ‘वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान प्रणाली’ (सफर) ने बताया कि वायु गुणवत्ता और भी खराब होकर शनिवार तक ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच जाएगी क्योंकि बारिश का असर और कम हो जाएगा तथा शेष अन्य मौसम परिस्थितियां भी ‘विपरीत’ हैं. सफर ने बताया कि पीएम 2.5 का स्तर 116 और पीएम 10 का स्तर 196 दर्ज किया गया.

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एक्यूआई की 100 से 200 तक की श्रेणी ‘मध्यम’ और 201 से 300 तक की श्रेणी ‘खराब’, 301 से 400 तक की श्रेणी ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 तक की श्रेणी ‘गंभीर’ कहलाती है. सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार गाजियाबाद, नोएडा और फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ तथा गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी की दर्ज की गई.

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भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम वायु संचार सूचकांक प्रति सेकंड 6,500 वर्गमीटर रहा. अगर वायु संचार सूचकांक प्रति सेंकंड 6,000 वर्गमीटर से कम और हवा की औसत रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम हो तो यह पर्यावरण में प्रदूषक तत्वों के बिखराव के लिए सही नहीं होता.