Farmers Protest: नए कृषि कानूनों के खिलाफ एक महीने से ज्यादा समय से चल रहे गतिरोध को दूर करने के लिए किसान संगठनों और तीन केंद्रीय मंत्रियों के बीच सोमवार को हुई सातवें दौर की वार्ता बेनतीजा रही थी. बैठक में किसान संगठनों के प्रतिनिधि प्रारंभ से ही इन कानूनों को निरस्त करने की अपनी मांग पर अड़े रहे, वहीं सरकार ने कानूनों के फायदे गिनाए.Also Read - कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने औषधीय खेती को बढ़ावा देने पर दिया जोर, किसानों की आमदनी बढ़ाने के भी बताए उपाय

हालांकि किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है. ऐसे में एक बार फिर से केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से समाधान के लिए अपील की है. उन्होंने कहा है कि सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है. Also Read - Farm Laws: केंद्र के पास नहीं किसानों की मौत के आंकड़े, भड़का विपक्ष, किसान डाटा देने को तैयार

कृषि मंत्री ने कहा, “हम किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम उन लोगों से मिले हैं जो कानूनों का समर्थन कर रहे हैं और उनसे भी मिले हैं जो इसका विरोध कर रहे हैं. मुझे यकीन है कि आंदोलन करने वाले किसान यूनियन किसानों के कल्याण के बारे में सोचेंगे और सक्रिय रूप से समाधान के लिए आगे आएंगे.” Also Read - पंजाब के किसान नेताओं ने MSP पर 30 नवंबर तक जवाब मांगा, एक दिसंबर को SKM की आपात बैठक

बता दें किसानों का ये मामला सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है. उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि तीन कृषि कानूनों की वैधता को चुनौती देने वाली और दिल्ली सीमा पर किसानों के आन्दोलन से संबंधित याचिकाओं पर 11 जनवरी को सुनवाई की जायेगी.

बता दें कि पिछले साल केंद्र द्वारा लाए गए तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर हजारों किसान बीते एक महीने से भी ऊपर वक्त से दिल्ली की सीमाओं पर डटे हैं.