बहरमपुर (पश्चिम बंगाल)| पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में आज रोडवेज की एक बस के पुल की रेलिंग तोड़कर घोगरा नहर में गिरने से 10 महिलाओं सहित कम से कम 36 लोगों की मौत हो गयी. पुलिस ने बताया कि उत्तर बंगाल राज्य परिवहन निगम की बस नदिया जिले में शिकारपुर से मालदा जा रही थी. यह हादसा दौलताबाद थाना क्षेत्र अन्तर्गत बलीरघाट में सुबह छह बजे हुआ.Also Read - मवेशी तस्करी केस: सीबीआई ने TMC के सीनियर नेता अनुब्रत मंडल को अरेस्ट किया

पुलिस के आने में कथित तौर पर देरी के कारण लोगों ने प्रदर्शन किया और गुस्साए लोगों ने पुलिस बल पर हमला कर दिया. उन्होंने पुलिस के एक वाहन में आग भी लगा दी. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक हादसे का शिकार हुई बस को पांच क्रेनों की मदद से निकाला गया. Also Read - Coal Smuggling Case: ईडी ने पश्चिम बंगाल के 8 IPS अफसरों को दिल्ली में किया तलब

राज्य के परिवहन मंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि पानी से बस को निकालने के बाद 32 शवों को निकाला गया. इससे पहले नहर में दो शव मिले थे. दो अन्य लोगों की अस्पताल में मौत हो गयी थी. सूत्रों के मुताबिक बचाव अभियान में एनडीआरएफ ने राज्य आपदा प्रबंधन कर्मियों की मदद की. Also Read - सुनील बंसल राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए, धर्मपाल सिंह यूपी बीजेपी के महामंत्री बने, कर्मवीर सिंह को झारखंड की जिम्मेदारी

अधिकारी ने बताया कि शाम तक 25 शवों की पहचान हो गयी तथा तलाशी अभियान चलाया जा रहा था. दुर्घटना की वजह अब तक पता नहीं है. घटनास्थल पर पहुंची मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा कि बस के ड्राइवर ने लापरवाही की होगी और कोहरा भी छाया हुआ था.

स्थानीय लोगों ने दावा किया कि बस में करीब 60 यात्री सवार थे. हालांकि, आधिकारिक रूप से यात्रियों की संख्या की पुष्टि नहीं हो पायी है. मुख्यमंत्री ने हादसे में मरने वालों के परिवार वालों को पांच लाख रूपये जबकि गंभीर रूप से घायलों को एक लाख रूपये का मुआवजा देने की घोषणा की.

अन्य घायलों को पचास हजार रूपये दिए जाएंगे. राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने दुर्घटना में लोगों के मरने पर शोक प्रकट किया और शोकसंतप्त परिवारों से अपनी संवेदना प्रकट की.