कोलकाता: देश और दुनिया में कोरोना महामारी का प्रकोप जस का तस बना हुआ है. ऐसे में कई त्योहार कोरोना की बेदी पर बलि चढ़ गए. लेकिन पश्चिम बंगाल में आयोजित होने वाले दुर्गा पूजा के मद्देनजर दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं. साथ ही पश्चिम बंगाल में पूजा समितियों और फेरी वालों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ से सौगात भी दिया जा रहा है. कई लोगों का मानना है कि ममता दीदी द्वारा दिया जा रहा सौगात चुनावी मौसम में बदलते मिजाज के मद्देनजर बंगाल में दिया जा रहा है. इस दौरान बता दें कि पूजा समितियों को 50 हजार रुपये और हर फेरीवाले को 2 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है.Also Read - IAS Cadre Rules में बदलाव करने जा रही मोदी सरकार, जानें इससे क्या फर्क पड़ेगा, जिसका विरोध हो रहा है

ममता बनर्जी ने कहा कि इस साल कोरोनावायरस महामारी के कारण दुर्गा पूजा समितियों के लिए चंदा इकट्ठा करना मुश्किल होगा. दुर्गा पूजा के आयोजन में राज्य की पूजा समितियों को आर्थिक परेशानी नहीं हो, इसके लिए सरकार ने प्रदेश की सभी पूजा समितियों को 50-50 हजार रुपये देने का फैसला किया है. ममता ने कहा, “हमने हर पंडाल में मुफ्त अग्नि-सुरक्षा व्यवस्था जैसी अन्य सुविधाओं के साथ प्रत्येक पूजा समिति को 50,000 रुपये देने का फैसला किया है. इस साल पूजा समितियों को नगर निगम और स्थानीय निकायों को कोई कर नहीं देना होगा.” Also Read - Netaji Subhash Chandra Bose की 125वीं जयंती : राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि, ममता ने कहा- राष्ट्रीय अवकाश घोषित करें

इसके अलावा ममता बनर्जी ने पंडालों को बिजली बिल में भी राहत दी है. ममता बनर्जी ने कहा कि इस साल पूजा समितियों को बिजली बिल में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी. त्योहार के दौरान कोविड-19 सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए राज्य के सभी निवासियों से अनुरोध करते हुए ममता ने कहा कि इस वर्ष समारोह अलग तरह से होंगे और लोगों को शारीरिक दूरी को लेकर वास्तव में सतर्क रहना होगा. उन्होंने हालांकि कहा कि उन्हें पंडाल जाने की अनुमति होगी. Also Read - Manipur Polls 2022: मणिपुर में विधानसभा चुनाव से पहले TMC का एकमात्र विधायक BJP में शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा, “त्योहार मनाते समय हमें वास्तव में सावधान रहने की जरूरत है. मैं सभी आयोजकों से अनुरोध करती हूं कि वे अपने पंडालों को अलग-अलग प्रवेश और निकास बिंदुओं के साथ जितना संभव हो उतना खुला रखें.” उन्होंने कहा कि पंडालों में प्रवेशद्वार पर सैनिटाइजर होना चाहिए और मास्क पहनना अनिवार्य रहेगा. नए नियमों के मुताबिक, इस साल दुर्गा पूजा पंडाल में किसी भी तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं होगी. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा. पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा में अब करीब एक महीने का समय बचा है. ऐसे में कोविड-19 महमारी के मद्देनजर सादगी से उत्सव मनाने की तैयारियां पूरे शहर में शुरू हो गई हैं.

बता दें कि कोरोना महामारी के कारण देश में कोई ऐसा व्यापार नहीं रहा जो इसके प्रकोप से अछूता रहा है. ऐसे में ममता बनर्जी द्वारा घोषित रकम दिए जाने से फेरीवालों को मेले में अपने धंधे को पुन: खड़ा करने और पूजा समितियों को एकमुश्च राशि दिए जाने से सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए जा सकेंगे. बता दें कि 2021 में पश्चिम बंगाल में चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में बंगाल की गलियों में तृणमूल कांग्रेस द्वारा छोटे व बड़े सभी स्तरों पर प्रचार प्रसार अभी से शुरू किया जा चुका है. हालांकि कईयों का मानना है कि पूजा समिति और फेरीवालों को पैसे देकर ममता बनर्जी वोटबैंक बढ़ाना चाहती हैं. बता दें कि पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ सालों में ममता बनर्जी पर सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने व मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगता रहा है. बंगाल के स्थानीय लोगों की मानें तो उनका भी यही कहना है कि मुख्यमंत्री हिंदुओं पर और हिंदू त्योहारों में उस प्रकार की भागीदारी नहीं दिखातीं, जितना ईद, बकरीद इत्यादि त्योहार पर पश्चिम बंगाल में दिखाती हैं.

(इनपुट-आईएएनएस)