कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ विधानसभा में सोमवार को एक प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे बहुमत के साथ पास कर दिया गया. बता दें केंद्र सरकार के इस नए कानून के खिलाफ तीन राज्य- केरल, राजस्थान और पंजाब पहले ही विरोध में प्रस्ताव पहले ही पारित कर चुके हैं. Also Read - Ankita Konwar की बाहों में ऐसे सोए Milind Soman, रोमांटिक तस्वीर हुई Viral, रिश्ते को हुए 7 साल

विधानसभा में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा, यह विरोध केवल अल्पसंख्यकों का ही नहीं है. मैं अपने हिंदू भाइयों को इस विरोध को आगे बढ़ाने के लिए धन्यवाद देती हूं. बंगाल में हम CAA, NPR और NRC की अनुमति नहीं देंगे. हम शांति से लड़ेंगे. Also Read - Malaika Arora ने कुछ इस अंदाज में मनाया अपना Sunday, Photo शेयर करके बोलीं- सपने देखना पसंद है...

खबरों के मुताबिक, राज्य के संसदीय कार्य मंत्री पार्था चटर्जी ने सदन में दोपहर करीब दो बजे यह प्रस्ताव पेश किया. इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार से सीएए को रद्द करने और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के क्रियान्वयन एवं राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के अद्यतन की योजनाओं को निरस्त करने की अपील की गई है.

तीन राज्य केरल, राजस्थान और पंजाब पहले ही नए संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव पहले ही पारित कर चुके हैं.

यह कानून राज्य में सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच तकरार का नया मुद्दा बन कर उभरा है. एक ओर जहां तृणमूल कांग्रेस इस विवादित कानून का पूरी ताकत के साथ विरोध कर रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा इसे लागू करने पर जोर दे रही है.