West Bengal News: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव (West bengal Assembly Election) की सरगर्मियों के बीच सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक और झटका लगा है. TMC विधायक शुभेंदु अधिकारी (Shubhendu Adhikari) के पार्टी छोड़ते ही आसनसोल नगर निगम (Asansol Municipal Corporation) के चेयरमैन जितेंद्र तिवारी (Jitendra Tiwari) ने भी इस्तीफा दे दिया. बता दें कि शुक्रवार को जितेंद्र तिवारी की टीएमसी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ अहम बैठक होने वाली थी. हालांकि इससे पहले ही उन्होंने आसनसोल नगर निगम के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया. ऐसे में अब तृणमूल की परेशानी बढ़ती नजर आ रही है. Also Read - ममता विधानसभा चुनाव से पहले टीकाकरण कार्यक्रम का राजनीतिकरण करने का प्रयास कर रही हैं: कैलाश विजयवर्गीय

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पूर्व सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करने वाली भाजपा (BJP) के बीच तल्खी नजर आ रही है. जितेंद्र तिवारी ने बताया कि आसनसोल के विकास के लिए जिन मुद्दों को उन्होंने उठाया था, उन मुद्दों पर कोई बातचीत नहीं हो रही है जिससे नाराज होकर उन्होंने इस्तीफा दिया. Also Read - West Bengal Assembly Election: कांग्रेस का ममता बनर्जी को बड़ा ऑफर, कहा- पश्चिम बंगाल में मिलकर चुनाव लड़े TMC, बीजेपी से...

इसके पहले गुरुवार सुबह ही जितेंद्र तिवारी ने शुभेंदु अधिकारी को लेकर बड़ा दावा किया था. जितेंद्र तिवारी ने कहा था कि शुभेंदु अधिकारी ने मुझे बताया कि वह BJP में शामिल होने जा रहे हैं. मालूम हो कि शुभेंदु अधिकारी के अलावा शीलभद्र दत्ता, जोतू लाहिरी, राजीव बनर्जी, जितेंद्र तिवारी समेत कई नेता-विधायक TMC नेतृत्व के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं. Also Read - West Bengal Assembly Election 2021 News: ममता ने शुभेंदु के पिता को इस अहम पद से हटाया, भाजपा नेता के धुर विरोधी को मिली जिम्मेदारी

जितेंद्र तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से आसनसोल को 2000 करोड़ रुपये से वंचित रखा गया. तिवारी के अनुसार, उन्हें राजनीतिक कारणों से केंद्र की कई परियोजनाओं से पैसा लेने से रोक दिया गया है. इसकी वजह से आसनसोल को नुकसान उठाना पड़ा है. इसके बाद से ही वह तृणमूल कांग्रेस से काफी नाराज चल रहे हैं.