पश्चिम बंगाल में आज बनेगी BJP सरकार, सुवेंदु अधिकारी सुबह 11 बजे लेंगे CM की शपथ, PM मोदी और अमित शाह रहेंगे मौजूद
56 साल के सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को उन्हीं के गढ़ भबानीपुर से हराया है. वे नंदीग्राम से भी लगातार दूसरी बार चुनाव जीते. यहां से 2021 में उन्होंने ममता को हराया था. मुख्यमंत्री बनने के बाद अधिकारी कौन सी सीट छोड़ेंगे, इसका खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है.
West Bengal CM Swearing-In: पश्चिम बंगाल में 9 मई (शनिवार) का दिन बेहद यादगार होने जा रहा है. आज BJP राज्य में पहली बार सरकार बनाने जा रही है. सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री होंगे. 9 मई का दिन बंगाल के लिए बेहद खास है, क्योंकि इस दिन विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है. इसलिए आज के दिन को सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण के लिए चुना गया है.
शुक्रवार को कोलकाता में कन्वेंशन सेंटर में आयोजित विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी को नेता चुना गया. बैठक के बाद अमित शाह ने उनके नाम का ऐलान किया. इसके बाद सुवेंदु लोकभवन में राज्यपाल से मिले और सरकार बनाने का दावा पेश किया. शपथ ग्रहण समारोह सुबह 11 बजे कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होना है. इसमें PM मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत NDA के कई बड़े नेता शामिल होंगे.
अंग-बंग से कलिंग तक BJP, बंगाल में ऐतिहासिक जीत का राष्ट्रीय राजनीति पर क्या होगा असर?
किन्हें मिल सकता है मंत्रीपद?
- मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुवेंदु अधिकारी के साथ कुछ और विधायक भी शपथ ले सकते हैं.
- मंत्री पद के लिए कुछ नामों की भी चर्चा है. पश्चिम बंगाल में 25 मंत्री बन सकते हैं.
- आरजीकर रेप केस की पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने पानीहाटी सीट से चुनाव जीता है. उन्हें मंत्री बनाया जा सकता है.
- इसके अलावा बंगाल की राजनीति में बड़े चेहरे जैसे अग्निमित्रा पॉल, दिलीप घोष, निसिथ प्रमाणिक, रूपा गांगुली, सजल घोष और स्वपनदास गुप्ता संभावित मंत्रियों की लिस्ट में शामिल हैं.
- वहीं, पश्चिम बंगाल के मौजूदा मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल को चुनी गई BJP सरकार में मुख्य सचिव बनाया जा सकाता है.
क्या बंगाल में बनेगा डिप्टी CM?
पिछले कुछ राज्यों में BJP की सरकार को देखें, तो BJP CM के साथ 2 डिप्टी CM के कॉन्सेप्ट पर चली है. मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान में यही पैटर्न देखा गया है. बंगाल के लिए 2 डिप्टी CM की चर्चा है. लेकिन, BJP ने डिप्टी CM को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं.
बंगाल में पहली बार BJP को मिली जीत
बंगाल विधानसभा चुनाव 2 फेज में हुए. 23 अप्रैल को 152 और 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोटिंग हुई. नतीजे 4 मई को आए. BJP ने 294 में से 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की. TMC सिर्फ 80 पर सिमट गई. 2 सीटें कांग्रेस के हाथ में आई. लेफ्ट फ्रंट ने भी 2 सीटें अपने नाम की. राज्य में कुल 294 विधानसभा सीट हैं, एक सीट फालता पर 21 मई को दोबारा मतदान होगा. रिजल्ट 24 मई को आएगा.
सुवेंदु ने ममता को उनके गढ़ में हराया
56 साल के सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को उन्हीं के गढ़ भबानीपुर से हराया है. वे नंदीग्राम से भी लगातार दूसरी बार चुनाव जीते. यहां से 2021 में उन्होंने ममता को हराया था. मुख्यमंत्री बनने के बाद अधिकारी कौन सी सीट छोड़ेंगे, इसका खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है.
अब बंगाल के नए CM सुवेंदु अधिकारी के बारे में जानिए
सुवेंदु के पिता शिशिर अधिकारी 2009 से 2024 तक कांग्रेस कांटी लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस सांसद रहे. शिशिर अधिकारी मनमोहन सिंह की सरकार में राज्य मंत्री भी बने. उनके भाई दिवेंदु और सौमेंदु भी लोकसभा के सदस्य रहे हैं.
कांग्रेस से शुरू हुआ राजनीतिक करियर
सुवेंदु ने अपने पिता के रास्ते पर चलते हुए कांग्रेस से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की. वह पूर्वी मिदनापुर के कांथी नगरपालिका से पार्षद चुने गए. बाद में वह ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए. 2006 में कांथी दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से विधायक के रूप में बंगाल विधानसभा में प्रवेश किया.
पूर्वी मिदनापुर के राजनीतिक सम्राट
नंदीग्राम आंदोलन के दौरान वे ममता बनर्जी के भरोसेमंद सहयोगी बने और पार्टी के प्रमुख चेहरों में गिने जाने लगे. अधिकारी परिवार का पूर्वी मिदनापुर इलाके में मजबूत जनाधार था, जिससे TMC को चुनावी बढ़त मिलती रही. पूर्वी मिदनापुर में इस परिवार का इतना दबदबा है कि उन्हें अक्सर इस क्षेत्र का राजनीतिक सम्राट’ कहा जाता है.
नंदीग्राम आंदोलन के दौरान तैयार की दीदी की जमीन
2007 में सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के प्रमुख आयोजक के रूप में अपनी पहचान बनाई. उन्होंने ममता बनर्जी के साथ नंदीग्राम आंदोलन का नेतृत्व किया. पूर्वी मिदनापुर जिले के इस क्षेत्र में लेफ्ट के नेतृत्व वाली सरकार की इंडोनेशिया के सलीम ग्रुप की एक कंपनी के सेटअप के विरोध में हिंसा भड़क उठी थी. यह केंद्र एक विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) का हिस्सा था, जिसके लिए 10,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण जरूरी थी.
बंगाल ने बदला राजनीतिक नक्शा, देखिए कितने राज्यों में BJP की सरकार, कहां NDA के साथ
सिंगूर में भी ममता का दिया साथ
नंदीग्राम विवाद और पड़ोसी हुगली जिले के सिंगूर में टाटा मोटर्स के प्लांट के खिलाफ प्रदर्शनों ने तृणमूल कांग्रेस को 2011 के बंगाल विधानसभा चुनावों में सत्ता में पहुंचाया. इसमें सुवेंदु ने ममता दीदी का भरपूर साथ दिया था.
सुवेंदु अधिकारी ने TMC के टिकट पर लड़ा लोकसभा चुनाव
इसके बाद ममता बनर्जी ने सुवेंदु अधिकारी को लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया. सुवेंदु ने 2009 और 2014 में तामलुक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की. ऐसा करते ही उन्होंने मुख्यमंत्री बनर्जी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक के रूप में अपनी जगह पक्की कर ली. 2016 में तृणमूल की लगातार दूसरी जीत के बाद ममता ने अधिकारी को बंगाल लौटने के लिए कहा. उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करते हुए परिवहन मंत्रालय का महत्वपूर्ण प्रभार सौंपा गया. बाद में उन्हें अन्य मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी दी गई.
2020 में छोड़ी TMC और थाम BJP का दामन
जुलाई 2020 से ही सुवेंदु ने TMC के कार्यक्रमों से दूरी बना ली थी. दिसंबर 2020 में उन्होंने ममता कैबिनेट और TMC से इस्तीफा दे दिया. इसके तुरंत बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले दिसंबर 2020 में BJP में शामिल हो गए.
BJP में साबित की अपनी अहमियत
ममता बनर्जी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया. उस वक्त BJP राज्य की 294 सीटों में से केवल 77 सीटें ही जीत सकी, जबकि तृणमूल ने 215 सीटें जीतीं. वहीं, सुवेंदु अधिकारी ने बड़ा उलटफेर करते हुए ममता बनर्जी को हरा दिया और BJP में अपनी अहमियत साबित कर दी.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें