Attacked On Dilip Ghosh’s Convoy: पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच तकरार चरण पर है. राज्य के मुर्शिदाबादा जिले के कांडी इलाके में भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष के काफिले पर बुधवार को हमला हुआ. पार्टी के सूत्रों ने यह जानकारी दी. जिला भाजपा नेताओं ने दावा किया कि घोष पार्टी की बैठक में हिस्सा लेने ब्रह्मपुर जा रहे थे, तभी ‘तृणमूल कांग्रेस के बदमाशों’ ने उनके काफिले पर पथराव किया.Also Read - समुद्र की लहरों पर सवार होकर आया 'सोने का रथ', Video में देखें कैसे लोगों ने उसे किनारे तक पहुंचाया

सूत्रों ने बताया कि हमले में घोष को किसी प्रकार की चोट नहीं आई है, लेकिन उनके काफिले में शामिल कार का आगे का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया. पार्टी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. वहीं तृणमूल कांग्रेस ने आरोपों से इनकार किया है. Also Read - बजट सत्र के पहले दिन सपा का विरोध प्रदर्शन, योगी आदित्यनाथ बोले- बोलने का सभी को मिलेगा मौका

उधर, पश्चिम बंगाल भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने बुधवार को आरोप लगाया था कि जब भगवा दल के कार्यकर्ता बीरभूम जिले में उनकी रैली में हिस्सा लेने आ रहे थे, तब उनपर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हमला किया. घोष ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से छड़ी लेकर सड़क पर निकलने को कहा ताकि जरूरत पड़ने पर पलटवार किया जा सके. Also Read - भरी सभा में अपनी ही पार्टी की पोल खोलने लगे भाजपा सांसद अरविंद शर्मा, मंच से बोले- सीएम खट्टर अपने दिमाग से काम नहीं करते

उन्होंने कहा था कि हमारे जो कार्यकर्ता सभा में हिस्सा लेने आ रहे थे उनपर तृणमूल कांग्रेस ने हमला किया. भाजपा के कार्यकर्ता मार खाने के लिए पैदा नहीं हुए हैं. मैं आग्रह करता हूं कि पार्टी कार्यकर्ता खाली हाथ सड़कों पर नहीं निकलें. वे छड़ी लेकर निकलें ताकि जरूरत पड़ने पर जवाबी हमला किया जा सके.

बीरभूम जिले के सिमुलिया में दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच तब संघर्ष हो गया जब मिनी बस में रैली में हिस्सा लेने जा रहे भाजपा के कार्यकर्ताओं का तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं से झगड़ा हो गया था. घोष ने कहा था कि बंगाल में हर जगह अशांति है. पुलिस और प्रशासन अप्रभावी हो गया है, क्योंकि उन्हें तृणमूल कांग्रेस के नेता चला रहे हैं. राज्य में जब भाजपा सत्ता में आएगी तो तृणमूल कांग्रेस के कई नेता जेल में होंगे.

राज्य में अगले साल अप्रैल मई में विधानसभा चुनाव होने हैं. घोष ने कहा, ” बीरभूम जिले में बम बनाने की कई इकाइयां पता चली हैं और आतंकवादी गिरफ्तार हुए हैं. अभी यहां की स्थिति वैसी है जैसी कश्मीर में हुआ करती थी.”

(इनपुट भाषा)