कोलकाता: बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई ने मंगलवार को पूर्वी मेदिनीपुर जिले में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की रैली के बाद तृणमूल कांग्रेस और उसके कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बारे में चुनाव आयोग को सूचित करने का फैसला किया है. पुलिस ने हिंसा में शामिल होने के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने बुधवार को यहां कहा, ”कांथी में कल हुई झड़पों के बारे में हम चुनाव आयोग को सूचित करेंगे. हम बंगाल की जमीनी स्थिति की वास्तविक तस्वीर पेश करेंगे.” वहीं, पुलिस ने कहा कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है और 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गवाहों से पूछताछ की जा रही थी और पुलिस हिंसा के टेलीविजन फुटेज की भी जांच कर रही है.

उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कई कार्यकर्ता रैली के बाद अब तक घर नहीं लौटे हैं. उन्होंने कहा, ”हमें नहीं पता कि उनके साथ क्या हुआ. वे लापता हैं. यह एक खतरनाक स्थिति है.” पार्टियों ने दावा किया है कि तृणमूल के एक कार्यालय में तोड़फोड़ की गयी, भाजपा और तृणमूल दोनों दलों के कई कार्यकर्ता घायल हो गए और भाजपा कार्यकर्ताओं के वाहनों को कांठी में आग लगा दी गई.

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव देव भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोष के साथ थे. उन्होंने प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कहा कि कानून व्यवस्था राज्य का विषय है और ममता दूसरों पर दोषारोपण कर अपनी जिम्मेदारियों से नहीं बच सकतीं. उन्होंने कहा, “मैं बंगाल में आने वाले बदलाव को महसूस कर सकता हूं. बंगाल में अंदर ही अंदर लहर चल रही है.

भाजपा ने कांथी में हिंसा के खिलाफ बुधवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया. कांथी तृणमूल कांग्रेस के नेता सुभेंदु अधिकारी का गढ़ है और वह राज्य के परिवहन मंत्री भी हैं.