कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को राज्यपाल जगदीप धनखड़ पर आरोप लगाया कि वह कोरोना वायरस संकट के दौरान ‘‘सत्ता हड़पने’’ की कोशिश कर रहे हैं. मुख्यमंत्री को पिछले हफ्ते राज्यपाल ने दो पत्र भेजे थे, जिसके बाद ममता ने यह तीखी टिप्पणी की है. Also Read - पश्चिम बंगाल बीजेपी में बड़ा फेरबदल, प्रदेश उपाध्यक्ष पद से हटाए गए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते

दरअसल, कोविड-19 के प्रसार के प्रति पश्चिम बंगाल सरकार की प्रतिक्रिया के मद्देनजर राजभवन और नबन्ना (राज्य सचिवालय) के बीच तकरार चल रही है. ममता ने धनखड़ को को 14 पृष्ठों के अपने जवाब में कहा, ‘‘एक राज्यपाल से एक निर्वाचित मुख्यमंत्री को इस तरह के शब्द और इस तरह की विषय-वस्तु, अभिप्राय और लहजे वाले पत्र भारत के संवैधानिक एवं राजनीतिक इतिहास में पूर्ण रूप से अभूतपूर्व हैं.’’ Also Read - ZEE 24 घण्टा के नूतन दिशा ई-कॉन्क्लेव में बंगाल सरकार के मंत्रियों ने बताया अम्फान और लॉकडाउन के बाद का रोडमैप

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे और मेरे मंत्रियों तथा मेरे अधिकारियों के खिलाफ आपके (राज्यपाल के) शब्द अपमानजनक, असयंमित, भयादोहन करने वाले और निंदनीय बताये जा सकते हैं.’’ Also Read - पश्चिम बंगाल में और छूट और शर्तों के साथ लॉकडाउन की अवधि 15 जून तक बढ़ाई गई

ममता ने उन पर उपदेश देने और संवैधानिक नियमों का खुद पालन किए बगैर उसका प्रवचन देने तथा उल्लंघन करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राज्यपाल उनकी (मुख्यमंत्री की) नीतियों से सहमत नहीं हो सकते हैं, लेकिन दुर्भाग्य से इसे उनके संज्ञान में लाने के अलावा उनके पास और कोई शक्ति नहीं है.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘संकट की इस घड़ी में सत्ता हड़पने की अपनी कोशिशों तेज करने से बाज आने की मैं आपसे विनती करती हूं…आपको सोशल मीडिया पर अपने लगातार ट्वीट में आधिकारिक पत्र/ लोगो इस्तेमाल करने से दूर रहना चाहिए.’’

(इनपुट भाषा)