कोलकाता: शहर के यादवपुर इलाके में सोमवार को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में हुए हमले को लेकर हुई रैलियों में वाम दल और भाजपा समर्थकों के आमने-सामने आने के बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. जेएनयू परिसर में रविवार को हुए हमले के विरोध में यादवपुर विश्वविद्यालय के छात्रों, एसएफआई के कार्यकर्ताओं और अन्य वाम संगठनों के सदस्यों ने 8बी बस स्टैंड से सुलेखा मोड़ पर रैली निकाली. Also Read - Maharashtra Government: किसानों की सुरक्षा और MSP तय करने के लिए महाराष्ट्र सरकार बनाएगी नया कानून


जेएनयू हमले और रविवार रात इलाके में पार्टी दफ्तर में तोड़फोड़ को लेकर भाजपा द्वारा बाघा जतिन मोड़ से यादवपुर पुलिस थाने तक एक विरोध मार्च निकाला गया. सुलेखा मोड़ पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए जिससे विवाद शुरू हो गया. पुलिस ने बैरीकेड लगाए थे और दोनों रैलियों का रास्ता बाधित किया था. इस दौरान हालांकि दोनों ही राजनीतिक दलों द्वारा कथित तौर पर एक दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई.

एसएफआई समर्थकों ने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने महिला कार्यकर्ताओं के लिये अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया. इसके विरोध में वामपंथी कार्यकर्ताओं ने भाजपा के झंडे जलाए. अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को शांत करने के लिये तमाम प्रयासों के विफल होने पर रैली में शामिल लोगों को तितर-बितर करने के लिये पुलिस ने लाठीचार्ज किया.

(इनपुट भाषा)