कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को विपक्षी कांग्रेस और माकपा से भाजपा के खिलाफ संघर्ष में साथ देने को कहा, लेकिन दोनों दलों ने उनकी अपील को यह कह कर खारिज कर दिया कि राज्य में भगवा दल के उभरने के लिए उनकी नीतियां जिम्मेदार हैं. Also Read - ममता बनर्जी को 5 अगस्त को लॉकडाउन वापस न लेने की कीमत चुकानी पड़ेगी: बीजेपी

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राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान ममता ने विधानसभा में कहा कि भाजपा प्रदेश में समानांतर सरकार चलाने का प्रयास कर रही है और कांग्रेस एवं माकपा जैसी पार्टियों को भगवा पार्टी के खिलाफ संघर्ष में उनका साथ देना चाहिए. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हम सबको (तृकां, कांग्रेस और माकपा) एक साथ होकर भाजपा के खिलाफ लड़ना चाहिए. इसका मतलब यह नहीं है कि हम राजनीतिक तौर पर हाथ मिला रहे हैं.

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ममता की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता अब्दुल मन्नान ने कहा कि भाजपा के खिलाफ संघर्ष के लिए हमें ममता से सीखने की जरूरत नहीं है. यह उनकी नीतियां ही हैं जिनके कारण भाजपा की जमीन बंगाल में तैयार हुई है. पहले उन्हें यह स्वीकार करना चाहिए कि उनकी गलतियों के कारण ही भाजपा राज्य में मजबूत हुई है. माकपा विधायक दल के नेता सुजान चक्रबर्ती ने मन्नान के विचारों से सहमति जतायी. दूसरी ओर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दीलिप घोष ने कहा कि ममता की अपील से उनका डर परिलक्षित हो रहा है.