कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने 19 जनवरी की रैली में भाग लेने वाले विपक्षी नेताओं के लिए चाय पार्टी आयोजित करने का निर्णय लिया है. पार्टी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘बैठक के बाद विपक्षी नेताओं के लिए एक चाय पार्टी का आयोजन किया जाएगा. हम चाय पीएंगे और विपक्षी नेताओं के साथ बातचीत करेंगे.’’ देश में आम चुनाव से पहले शक्ति प्रदर्शन के लिए ममता ने 19 जनवरी को कोलकाता में एक विशाल रैली का अयोजन किया है जिसमें उनके लाखों समर्थकों के शामिल होने की संभावना है. शहर के मध्य में स्थित ब्रिगेड परेड में आयोजित होने वाली रैली में सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस की तरफ से विपक्ष की 19 जनवरी को यहां आयोजित हो रही विशाल रैली लोकसभा चुनावों में भाजपा के लिए ‘‘ताबूत की कील’’ साबित होगी और चुनावों में क्षेत्रीय दल निर्णायक की भूमिका में होंगे. बनर्जी ने दावा किया कि आम चुनावों में भाजपा को 125 से अधिक सीटें नहीं मिलेंगी. उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘चुनावों के बाद क्षेत्रीय दल निर्णायक की भूमिका में होंगे।’’ एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘रैली भाजपा के ताबूत में कील साबित होगी… वे 125 सीटों से अधिक हासिल नहीं कर पाएंगे।’’

ममता की रैली में मुख्यमंत्रियों अरविंद केजरीवाल, एचडी कुमारस्वामी, एन चंद्रबाबू नायडू के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला तथा राजद नेता तेजस्वी यादव, द्रमुक के एमके स्टालिन, असंतुष्ट भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के अलावा अन्य नेताओं के शामिल होने की संभावना है. ममता बनर्जी के साथ मंच पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा, राकांपा नेता शरद पवार, रालोद नेता चौधरी अजीत सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी, पाटीदार नेता हार्दिक पटेल, दलित नेता जिग्नेश मेवाणी और झारखंड विकास मोर्चा के प्रमुख बाबूलाल मरांडी भी मौजूद रहेंगे. लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे भी कांग्रेस की ओर से रैली में शामिल होंगे.

(इनपुट – एजेंसी)