कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार पांचवीं और आठवीं कक्षा में ‘उत्तीर्ण-अनुत्तीर्ण’ की नीति को फिर खत्म करने की तैयारी कर रही है और जल्द इसका ऐलान हो सकता है. इस बीच राज्य के शिक्षामंत्री पार्थ चटर्जी ने शुक्रवार को कहा कि छात्रों को छठी और नौवीं कक्षा में जाने के लिए परीक्षा देनी होगी.

हरियाणा: दुष्यंत चौटाला की पार्टी JJP के साथ मिलकर सरकार बनाएगी BJP, आज राज्यपाल से मिलेंगे दोनों दलों के नेता

चटर्जी ने कहा कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने क्योंकि पांचवीं और आठवीं कक्षा में ही ‘उत्तीर्ण-अनुत्तीर्ण’ नीति को लागू करने की अनुशंसा की है, इसलिए पश्चिम बंगाल सरकार ने फिलहाल इस नीति को इन दोनों कक्षाओं में ही लागू करने का फैसला किया है.

पत्रकारों से उन्होंने कहा, ‘‘मौजूदा समय में पांचवीं एवं आठवीं कक्षा में ‘उत्तीर्ण-अनुत्तीर्ण’ नीति लाना बेहतर है. हम केंद्र सरकार के निर्देशों से परे जाकर पांचवीं से 10वीं कक्षा तक इस व्यवस्था का विस्तार नहीं कर सकते हैं. मंत्री ने कहा कि छात्रों को छठी और नवीं कक्षा में जाने के लिए परीक्षा देनी होगी. उन्होंने कहा कि अनुत्तीर्ण छात्रों को विशेष कोचिंग दी जाएगी और उन्हें दो महीने बाद दूसरा मौका दिया जाएगा.