कोलकाता: पश्चिम बंगाल से प्रवासियों के लिए ट्रेनें चलाने संबंधी मंजूरी शाम में प्राप्त होने के रेलवे के बयान को गलत और भ्रामक बताते हुए राज्य सरकार ने शनिवार को कहा कि यह मंजूरी शुक्रवार या उससे पहले ही दे दी गई थी. Also Read - सीएम योगी पर राज ठाकरे का पलटवार, बोले- महाराष्ट्र में बिना इजाजत किसी मजदूर को नही मिलेगी एंट्री

इस मुद्दे पर राज्य और केंद्र के बीच दिनभर जुबानी जंग चलती रही. रेलवे ने रात में कहा कि उसे राज्य के बाहर से लोगों को लाने के लिए आठ विशेष ट्रेनें चलाने की मंजूरी पश्चिम बंगाल सरकार से मिल गई. Also Read - अब कोई भी राज्य बिना अनुमति के श्रमिकों व कामगारों को अपने यहां नहीं ले जा सकेगा : सीएम योगी

आपको बता दें कि कल रेलवे की तरफ से कहा गया था कि पश्चिम बंगाल राज्य तक ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेन चलाने के लिए राष्ट्रीय परिवाहक के पास कोई प्रस्ताव नहीं है. भारतीय रेलवे की यह प्रतिक्रिया तृणमूल कांग्रेस के उस बयान के तुरंत बाद आई थी जिसमें पार्टी ने कहा कि वह कर्नाटक, तमिलनाडु, पंजाब और तेलंगाना से प्रवासियों को लाने के लिए आठ ट्रेन चलाने की पहले ही योजना बना चुकी है. Also Read - आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल को छोड़कर पूरे देश में आज से शुरू होंगी घरेलू यात्री उड़ानें, राज्यों के अलग-अलग नियम

अब रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु और तेलंगाना से ट्रेनें लोगों को अगले कुछ दिनों में बंगाल लाएंगी. लेकिन देर रात पश्चिम बंगाल के गृह सचिव अलापन बंदोपाध्याय ने ट्वीट किया, ‘‘ रेल मंत्रालय का ट्वीट भ्रामक और गलत है.’’ उन्होंने कहा कि सभी ट्रेनों के लिए मंजूरी दे दी गयी थी और संबंधित राज्यों को आठ मई या उससे पहले ही अवगत करा दिया गया था.

(इनपुट: भाषा)