कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने चक्रवात ‘अम्फान’ के कारण तबाह हुए क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए केंद्र से एक लाख करोड़ रुपए से अधिक के पैकेज की मांग की और केंद्र सरकार के दल को ‘‘नुकसान के आकलन’’ की एक सूची सौंपी. चक्रवात से हुए नुकसान की समीक्षा करने आए केंद्र के दल का पश्चिम बंगाल का तीन दिवसीय दौरा शनिवार को समाप्त हो गया. गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव (साइबर एवं सूचना सुरक्षा) अनुज शर्मा की अगुवाई में सात सदस्यीय अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल ने दिल्ली रवाना होने से पहले पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक घंटे बैठक की.Also Read - क्या पश्चिम बंगाल से अलग हो जाएगा दार्जिलिंग? BJP की इस बात पर TMC बोली- इस बात का...

बैठक में प्रधान सचिव राजीव सिन्हा और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने चक्रवात के कारण हुए नुकसान के बारे में सात सदस्यों के दल से विचार-विमर्श किया और उन्हें कृषि, मत्स्य एवं सिंचाई समेत अन्य क्षेत्रों को हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी दी. बयान के अनुसार राज्य सरकार ने 1,02,442 करोड़ रुपए के नुकसान का आकलन केंद्रीय दल के साथ साझा किया. एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘हमने आकलन की एक सूची केंद्रीय दल को सौंपी है. हमने अपने विचार साझा किए और उन क्षेत्रों के बारे में बताया जहां तत्काल मदद की आवश्यकता है. उन्होंने इस पर गौर किया है.’’ Also Read - PM Modi-Vladimir Putin Meeting: पीएम मोदी-व्लादिमिर पुतिन की आज है पावरफुल मीटिंग, जलेंगे चीन-अमेरिका के दिल

चक्रवात अम्फान को “राष्ट्रीय आपदा” घोषित किये जाने की मांग करते हुए विपक्षी दल कांग्रेस और माकपा ने भी केंद्रीय दल से कहा कि वह नुकसान का समुचित आकलन करे जिससे प्रभावित लोगों को केंद्र सरकार की तरफ से जरूरी सहायता मिलना सुनिश्चित हो सके. पिछले साल हुए लोकसभा चुनावों में राज्य में मुख्य विपक्षी दल के तौर पर उभरी भाजपा ने हालांकि कहा कि शब्दावली पर चर्चा करने के बजाए, प्रयास इस बात का किया जाना चाहिए कि केंद्र से मिलने वाली आर्थिक सहायता जरूरतमंदों तक पहुंचे. Also Read - चक्रवाती तूफान 'जवाद' से बंगाल में भारी बारिश की संभावना, आंध्र प्रदेश के तीन तटीय जिलों में चेतावनी जारी

विधानसभा में वाम मोर्चा के नेता और माकपा विधायक सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि केंद्र सरकार को यथाशीघ्र राहत पैकेज जारी करना चाहिए. उन्होंने कहा, “हम केंद्रीय दल के दौरे का स्वागत करते हैं और चाहते हैं कि केंद्र अम्फान को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे. घरों को फिर से बनाने और लोगों के पुनर्वास के लिये जो भी राहत पैकेज जरूरी हो वह यथाशीघ्र लोगों को मिलना चाहिए.” वहीं कांग्रेस नेता अब्दुल मन्नान ने कहा कि अगर चक्रवात को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाता है तो इससे अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठनों का ध्यान और मदद इस तरफ आएगी.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्रा ने कहा कि दल द्वारा सावधानीपूर्वक किये गए नुकसान के आकलन के बाद जारी होने वाली केंद्रीय राहत सीधे पीड़ितों को फायदा पहुंचाने वाली होनी चाहिए. केंद्र सरकार के दल ने चक्रवात ‘अम्फान’ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए दक्षिण 24 परगना जिले के चक्रवात प्रभावित इलाके का दौरा किया और ग्रामीणों से बातचीत की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मई को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ उत्तरी 24 परगना जिले के बासिरहाट का दौरा किया था. इस दौरे के बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल के लिए 1000 करोड़ रूपये के राहत पैकेज की घोषणा की थी.