नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस के कहर के चलते एक बार फिर लॉकडाउन किया गया है. पश्चिम बंगाल के सीएम ममता बनर्जी ने स्थिति को देखते हुए सख्त लॉकडाउन (Lockdown in West Bengal) के आदेश दिए हैं. पश्चिम बंगाल में 9 जुलाई को शाम बजे से लॉकडाउन लागू होगा. पूरे पश्चिम बंगाल में 31 जुलाई तक लॉकडाउन का आदेश पहले से ही था. अब नए आदेश के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में और अधिक सख्त लॉकडाउन लागू करने का आदेश जारी किया गया है. पश्चिम बंगाल के कुल एक हज़ार इलाके सख्त लॉकडाउन के तहत रहेंगे.Also Read - Bhawanipur bypoll: नोटिस मिलने पर BJP प्रत्याशी ने कहा- मैंने भीड़ का नेतृत्व नहीं किया, ये देखना मेरा काम नहीं

कंटेनमेंट ज़ोन में ये चीज़ें रहेंगीं बंद (Containment Zone in West Bengal)
पश्चिम बंगाल में जहां-जहां कोरोना वायरस के अधिक मामले हैं, वहां बेहद सख्ती बरती जाएगी. पश्चिम बंगाल में कंटेनमेंट इलाके निर्धारित कर दिए गए हैं. इन इलाकों में किसी को भी आने-जाने की इजाजत नहीं होगी. स्थानीय प्रशासन ही लोगों की ज़रूरतें पूरी करने की कोशिश करेगा. सरकार के आदेश के अनुसार, कंटेनमेंट ज़ोन में सरकारी और प्राइवेट कार्यालय, शादी सहित किसी भी तरह का समारोह, यातायात, पूरा मार्केट, औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधिययों के साथ ही सभी गैर ज़रूरी गतिविधियों पर रोक रहेगी. Also Read - Lockdown Latest Update: पश्चिम बंगाल में 30 सितंबर तक बढ़ीं लॉकडाउन की पाबंदियां, क्या मिली छूट, नई गाइडलाइन जारी

कोलकाता और इन जिलों के ये इलाके कंटेनमेंट ज़ोन में
कोलकाता के कुल 33 इलाके हैं, जो कंटेनमेंट ज़ोन में रखे गए हैं. उल्टादंग, फूलबागान, कंकुर्गाची, हुडको, बेलियाघाट, भवानीपुर, अलीपुर, बिजयगढ़, जादवपुर, न्यू अलीपुर, कस्बा, मुकुंदपुर, अजयनगर के साथ ही कुल 33 इलाके पूरी तरह से बंद रहेंगे. इसके साथ ही साउथ 24 परगना में 155 और नार्थ 24 परगना जिले के 219 जोन पूरी तरह से लॉकडाउन में रहेंगे. Also Read - West Bengal: NIA जांच के बीच फिर अर्जुन सिंह के घर के पास हुई बमबारी, भाजपा नेता की बढ़ाई गई सुरक्षा

इन इलाकों में खुलेंगी ये दुकानें
अधिकारियों के आदेश के मुताबिक जो इलाके कंटेनमेंट ज़ोन में नहीं हैं, वहां ज़रूरत वस्तुओं की दुकानें खुली रहेंगी. दवा, सब्जी आदि की दुकानें खुली रहेंगीं.

पश्चिम बंगाल में इतने हैं कोरोना के मामले
पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस के 23 हज़ार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. जबकि इनमें से 15 हज़ार से अधिक लोग ठीक भी हुए हैं. अब तक 800 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.