West Bengal 11 years minor rape murder case: पश्चिम बंगाल के कोलकाता के उपनगरीय इलाके बारूईपुर में 11 साल की मासूम बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने बेहद बड़ी कार्रवाई की है. इस जघन्य अपराध के मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल (Pravash Mondal) को बीती रात बारूईपुर में ही एक पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया है. सूत्रों के मुताबिक, एनकाउंटर उस समय हुआ जब पुलिस आधी रात के वक्त आरोपी को क्राइम सीन के रीक्रिएशन के लिए घटना स्थल पर ले गई थी. इसी दौरान उसने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को सेल्फ डिफेंस में गोली चलानी पड़ी.
पुलिस विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, 11 वर्षीय बच्ची का शव रविवार को बारूईपुर के एक तालाब से बोरे में बंद मिला था. इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल सहित तीन संदिधों को गिरफ्तार किया था. बीते रात लगभग आधी रात के वक्त, जांच टीम प्रभाष मंडल को वारदात वाली जगह पर साक्ष्य जुटाने और क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए लेकर गई थी. सूचना के अनुसार, प्रभाष वहां पहुंचकर चालाकी से पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और उन पर तानते हुए भागने की कोशिश की. पुलिस ने उसे सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन जब उसने फायरिंग का प्रयास किया तो जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया.
VIDEO | West Bengal: One of the key accused in the alleged rape and murder of a girl in Baruipur was killed in an encounter early on Wednesday after he tried to ‘escape from police custody’ during a crime scene reconstruction exercise, a senior officer said. Visuals from District… pic.twitter.com/gmqHiFye1z
— Press Trust of India (@PTI_News) July 8, 2026
पुलिस की अब तक की तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि मासूम बच्ची के साथ की गई यह हैवानियत एक सोची-समझी और पूर्व नियोजित साजिश थी. जांच में पता चला है कि प्रभाष मंडल को बच्ची को बहला-फुसलाकर एक सुनसान जगह पर लाने का काम सौंपा गया था, जहां उसके बाकी साथी पहले से ही मौजूद थे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जो खुलासे हुए हैं, वे रूह कपा देने वाले हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों ने दरिंदगी करने के बाद बच्ची को जिंदा ही बोरे में ठूंसकर तालाब में फेंक दिया था. बच्ची के फेफड़ों में पानी पाया गया है, जो इस बात का सबूत है कि जब उसे पानी में फेंका गया, तब उसकी सांसें चल रही थीं.
रविवार को बच्ची का शव मिलने के बाद पूरे दक्षिणी उपनगरीय इलाके में गुस्से की लहर दौड़ गई थी. उग्र स्थानीय निवासियों ने रेलवे ट्रैक बाधित कर दिए और पुलिस के कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया. इस हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने कानून अपने हाथ में लेते हुए इंद्रजीत मंडल नाम के एक बेकसूर व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी, जिस पर महज शक था कि वह इस कांड में शामिल था. पुलिस ने इस हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में अब तक कम से कम 20 लोगों को गिरफ्तार किया है.
POLICE ENCOUNTER :
> Yesterday night, while recreating the crime scene, Prabhash Mondal, one of the accused in the Baruipur child rape and murder case, allegedly snatched the pistol of a police personnel and attempting to escape, tried to fire at the police personnel.
> RESULT:… pic.twitter.com/swMdAeghO3
— SANDIP HALDER (@HALDERSAN) July 8, 2026
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बारूईपुर का दौरा किया. उन्होंने मृत बच्ची और मॉब लिंचिंग का शिकार हुए इंद्रजीत मंडल के परिवारों से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़काने वाले लगभग 200 लोगों की पहचान कर ली गई है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कि एक भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. सरकार उन्हें कड़ा सबक सिखाएगी. मुख्यमंत्री ने जिले के सभी थानों को महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्त से सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक सिद्धार्थ नाथ गुप्ता को अगले 72 घंटों के भीतर इस पूरी घटनाक्रम और जांच की प्रगति पर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है. इस बीच, इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है, जहां तृणमूल ने आरोप लगाया है कि स्थानीय प्रशासन शुरुआत में मुख्य आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहा था.
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