पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हारने के बाद TMC राजनीतिक संकट का सामना कर रही है. एक के बाद एक सांसद साथ छोड़ते जा रहे हैं. इस बीच ममता बनर्जी ने बागी सांसद सायोनी घोष और वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय पर एक्शन लिया है. उन्हें TMC के सभी पदों से हटा दिया गया है. ममता के करीबी कुणाल घोष को सुदीप बंदोपाध्याय की जगह नॉर्थ कोलकाता संगठनात्मक जिले का अध्यक्ष बनाया गया है. सायोनी घोष AITC यूथ प्रेसिडेंट थीं. अब उनकी जगह अर्नब बनर्जी को नया अध्यक्ष बनाया गया है.
सौगत रॉय और ज्योतिप्रिय मल्लिक कार्यसमिति में शामिल
इस बैठक में सौगत रॉय और ज्योतिप्रिय मल्लिक को कार्यसमिति में शामिल कर लिया गया है. कोलकाता उत्तर जिले के अध्यक्ष पद पर सुदीप बंद्योपाध्याय की जगह अब कुनाल घोष को लाया गया है.
#WATCH | Kolkata, West Bengal: TMC leader Kalyan Banerjee says, “… When we won the mandate for a five-year term in 2024, at least for five years we should have focused on the party’s work. Elections are bound to happen eventually. If we return with more seats in 2029, will the… pic.twitter.com/h83jHUUscP
— ANI (@ANI) June 13, 2026
कल्याण बनर्जी ने साफ कहा कि ये बदलाव संगठन को और मजबूत बनाने के लिए जरूरी थे. उन्होंने बताया कि सुदीप बंद्योपाध्याय, माला रॉय और एक अन्य नेता, जो दूसरी तरफ चले गए और अलग ब्लॉक बनाने की कोशिश में लगे थे, उन्हें कार्यसमिति से हटा दिया गया है.
ये TMC की कार्यसमिति की बैठक थी. TMC के सीनियर सांसद और ममता बनर्जी के करीबी कल्याण बनर्जी ने बताया कि TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने क्या-क्या आदेश दिए हैं. उनके मुताबिक, सुखेंदु शेखर रे और सुष्मिता देव ने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है, जिसकी वजह से दो अहम जगहें खाली हो गईं. उसे भरने को लेकर बातचीत हुई. पार्टी अब इन पदों पर नए लोगों को जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी कर रही है.
बनर्जी ने कहा कि पार्टी के अंदर से ही ये संकेत मिल रहे हैं कि जो लोग संगठन की एकजुटता के खिलाफ काम करेंगे, उनके साथ सख्ती बरती जाएगी. TMC अब साफ तौर पर कह रही है कि बागी रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
वहीं, कल्याण बनर्जी ने पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी पर भी यू-टर्न लिया है. उन्होंने 11 जून को उन्होंने कहा था कि ममता बनर्जी को मुझे या अभिषेक में से किसी एक को चुनना होगा. अब शनिवार को कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी को बेटा जैसा बताया. उन्होंने कहा, “अभिषेक मेरे बेटे जैसे हैं. बेटे की सभी गलतियों को माफ करना पिता का काम होता है.”
इससे पहले शुक्रवार को अभिषेक बनर्जी ने भी कहा कि कल्याण बनर्जी के लिए सम्मान जाहिर किया था. अभिषेक बनर्जी ने कहा था, “वो मुझसे बड़े हैं. उन्हें अपने विचार व्यक्त करने का पूरा अधिकार है. कल्याण बनर्जी ने मुझे बचपन से देखा है, इसलिए मैं उनके खिलाफ कुछ नहीं बोलूंगा.”
दरअसल, गुरुवार को अभिषेक ने फर्जी साइन मामले में अपने अपना वकील बदल लिया था. पहले कल्याण इस केस में अभिषेक के वकील थे. इसके बाद कल्याण ने कहा था कि अभिषेक को सीनियर नेताओं का सम्मान करना नहीं आता. वे बहुत अहंकारी हैं. इसी वजह से पार्टी बर्बाद हुई है. अब दोनों के बयानों से लगता है कि मामला सुलझा लिया गया है.
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