शत्रुघ्न सिन्हा से सयोनी घोष तक... ममता दीदी से किस-किसने की बगावत? सामने आई TMC के 19 सांसदों की लिस्ट
TMC के लोकसभा में 28 में से 20 सांसद और राज्यसभा में 13 में से 2 सांसद यानी कुल 22 सांसद टूट चुके हैं. वहीं, 3 जून को बंगाल के 80 में से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं.
TMC के बागी सांसदों के खिलाफ ममता बनर्जी दल-बदल कानून का इस्तेमाल कर सकती हैं (AI जेनरेटेड)
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) एक नए और शायद सबसे बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर रही है. पार्टी के भीतर उठी बगावत संसद तक पहुंच गई है. दावा किया जा रहा है कि TMC के 20 लोकसभा सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लेटर लिखकर खुद को अलग गुट के रूप में मान्यता देने की मांग की है. इस बीच TMC ने बागी सांसदों की लिस्ट जारी की है. इसमें 19 सांसदों के नाम हैं. लिस्ट में वो नाम भी हैं, जो कभी ममता दीदी के बेहद करीबी माने जाते थे.
Zee न्यूज ने सूत्रों के हवाले से TMC के 19 बागी सांसदों की लिस्ट शेयर की है. इसमें काकोली घोष दस्तीदार के साथ यूसुफ पठान, शत्रुघ्न सिन्हा समेत कई चौंकाने वाले नाम हैं. गौर करने वाली बात है कि इसमें सयानी घोष जैसे कई नाम भी हैं, जिनकी अटकलें लगाई जा रही थीं.
ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत करने वाले सांसदों के नाम:-
- काकोली घोष (बारासात)
- दीपक अधिकारी (घाटल)
- जगदीश चंद्र बसुनिया (कूच बिहार)
- कालीपद सोरेन (झाड़ग्राम)
- खलीलुर रहमान (जांगीपुर)
- जून मालिया (मेदिनीपुर)
- यूसुफ पठान (बहरामपुर)
- अरूप चक्रवर्ती (बांकुरा)
- अबू ताहिर खान (मुर्शिदाबाद)
- डॉ. शर्मिला सरकार (बर्धमान ईस्ट)
- पार्थ भौमिक (बैरकपुर)
- शत्रुघ्न सिन्हा (आसनसोल)
- बापी हलधर ( मथुरापुर)
- असित कुमार मल (बोलपुर)
- सायोनी घोष (जादवपुर)
- शताब्दी रॉय (बीरभूम)
- रचना बनर्जी (हुगली)
- माला रॉय (कोलकाता साउथ)
- मिताली बाग (आरामबाग)
TMC को हुआ क्या-क्या नुकसान?
- TMC के लोकसभा में 28 में से 20 सांसद और राज्यसभा में 13 में से 2 सांसद यानी कुल 22 सांसद टूट चुके हैं. 3 जून को बंगाल के 80 में से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं. इस गुट ने ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता बनाया है. उत्तर दमदम में 21 पार्षदों ने भी इस्तीफा दे दिया है.
- 3 जून को TMC में पहली बार बगावत की खबर सामने आई थी. 58 बागी विधायकों ने पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना. विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस को सपोर्ट लेटर दिया. इसमें मांग की गई कि ऋतब्रत को नेता विपक्ष घोषित किया जाए. स्पीकर ने मंजूरी दे दी.
- 8 जून को TMC के लोकसभा के 28 सांसदों में से 20 ने NDA सरकार को समर्थन देने का फैसला किया था. सांसद और TMC की पूर्व नेता काकोली घोष दस्तीदार ने कहा था कि सांसदों के साइन वाला लेटर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भेज दिया है. इसमें अलग संसदीय ब्लॉक के रूप में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग भी की गई.
TMC पर कितने भारी पड़ेंगे बागी सांसद?
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- लोकसभा में TMC के 28 सांसद हैं. 13 से 20 सांसदों ने बगावत की है. लेकिन, सबके नाम कंफर्म नहीं हैं. मीडिया रिपोर्ट में काकोली घोष दस्तीकर, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, सुखेंदु शेखर रे जैसे इक्का-दुक्का नाम चर्चा में है. अभी तक बागी सांसदों की कंफर्म लिस्ट सामने नहीं है. अलग गुट बनाने के लिए 2/3 बहुमत यानी 19 सांसदों का साथ होना जरूरी है.
- राज्यसभा में TMC के 12 सांसद हैं. अभी तक कितने सांसद नाराज या बगावत पर उतरे हैं, इसकी कोई कंफर्म संख्या नहीं है. अलग गुट बनाने के लिए संख्याबल का 2/3 यानी 8 सांसदों का होना जरूरी है.
- बंगाल विधानसभा की बात करें, तो TMC के 80 विधायक हैं. 58 विधायकों ने अलग गुट बनाने का दावा तो किया है, लेकिन इन सभी के नाम कंफर्म नहीं हैं. अलग गुट बनाने के लिए 54 विधायकों का साथ जरूरी है.
आगे क्या होगा?
फिलहाल सभी की नजर लोकसभा अध्यक्ष के अगले कदम पर टिकी है. अगर बागी सांसद औपचारिक रूप से अलग समूह की मान्यता मांगते हैं. जरूरी संख्या साबित कर देते हैं, तो यह TMC के इतिहास की सबसे बड़ी संसदीय बगावत साबित हो सकती है. दूसरी तरफ ममता बनर्जी के सामने चुनौती यह होगी कि वे पार्टी को टूटने से कैसे बचाएं और अपने सांसदों को एकजुट कैसे रखें.
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