कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार की मांग के बाद चक्रवात से प्रभावित कोलकाता व पड़ोसी जिलों में पुनर्निर्माण कार्यों के लिए सेना की तैनाती की गई है. दरअसल पश्चिम बंगाल ने राज्य में ‘अम्फान’ चक्रवात से प्रभावित इलाकों में आवश्यक सेवाओं की बहाली के लिए शनिवार को सेना, रेलवे और बंदरगाह से मदद मांगी थी. Also Read - पश्चिम बंगाल में और छूट और शर्तों के साथ लॉकडाउन की अवधि 15 जून तक बढ़ाई गई

इससे पहले गृह विभाग ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर कहा, “सेना की मदद मांगी गई है, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के दस्ते तैनात हैं, रेलवे, बंदरगाह और निजी क्षेत्र से भी आपूर्ति दल और उपकरणों के लिए अनुरोध किया गया है.” सरकार की मांग के बाद सेना को लगाया गया है. Also Read - कोरोना के चंगुल में कैसे फंस गया बंगाल का कूच बिहार, ग्रीन ज़ोन में अचानक मिले 31 मामले

सरकार ने निजी संस्थाओं से भी इस उद्देश्य के लिये कर्मियों और उपकरणों को उपलब्ध कराने को कहा है. गृह विभाग ने ट्वीट कर कहा कि प्रदेश सरकार ने एकीकृत कमान के तौर पर आवश्यक आधारभूत ढांचों और सेवाओं को बहाल करने के लिये अधिकतम ताकत झोंक दी है.

उसने ट्वीट किया, विभाग ने कहा कि पीने का पानी और पानी की निकासी के लिए आधारभूत ढांचे को तेजी से बहाल किया जा रहा है और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से उन इलाकों में पानी की थैलियां वितरित करने के कहा गया है जहां अभी समस्या है.

गृह विभाग ने कहा, “जहां जरूरत है वहां जनरेटरों को किराये पर लिया जा रहा है. विभिन्न विभागों और निकायों के 100 से ज्यादा दल गिरे हुए पेड़ों को काटने में लगे हुए हैं जो मुहल्लों में बिजली की आपूर्ति बहाल करने के लिये अहम है.” उसने कहा, “डब्ल्यूबीएसईडीसीएल और सीईएससी से अधिकतम कर्मियों को लगाने को कहा गया है यद्यपि लॉकडाउन की वजह से तैनाती क्षमता काफी प्रभावित हुई है. पुलिस हाई अलर्ट पर है.”

कोलकाता और पड़ोसी जिलों में चक्रवात के तीन दिन बाद भी बिजली, पानी की आपूर्ति बहाल नहीं होने पर लोगों के प्रदर्शन के बाद यह घोषणा की गई. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से धैर्य बनाए रखने को कहा है क्योंकि प्रशासन सामान्य स्थिति बहाल करने में लगातार लगा हुआ है. ‘अम्फान’ चक्रवात की वजह से राज्य में 86 लोगों की जान चली गई और कम से कम 14 जिलों में आधारभूत ढांचों को खासा नुकसान पहुंचा है.