बंगाल में मौलवी-पुजारियों को अब नहीं मिलेगी सरकारी पॉकेटमनी, CM सुवेंदु अधिकारी ने बंद कर दी ममता की ये योजना

Written By: Anjali Karmakar Updated by: Anjali Karmakar
Updated Date:May 18, 2026 7:28 PM IST

पश्चिम बंगाल में सुवेंदु कैबिनेट ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए ‘अन्नपूर्णा योजना’ को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत 1 जून से महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये दिए जाएंगे.

पश्चिम बंगाल में BJP की सरकार बनाने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी एक के बाद एक बड़े फैसले ले रहे हैं. CM अधिकारी ने कैबिनेट बैठक में इमाम, मुअज्जिन और पुजारियों को दिए जाने वाली सरकारी पॉकेटमनी यानी मानदेय को बंद करने का फैसला लिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, इमाम, मुअज्जिन और पुजारियों के लिए चल रही मानदेय योजना 1 जून से बंद हो जाएगी.

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पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार ने मार्च में विधानसभा चुनावों के ऐलान के कुछ घंटे पहले ही इमाम, मुअज्जिन और पुजारियों को मिलने वाला मानदेय 500 बढ़ाया था. इसके बाद राज्य की रजिस्टर्ड मस्जिदों के इमामों को हर महीने 3000 रुपये मिल रहे थे. मुअज्जिन और पुजारियों को 2000 रुपये की मदद दी जा रही थी.

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महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना

सुवेंदु अधिकारी ने एक तरफ इमामों और पुजारियों के लिए मानदेय योजना बंद करने का ऐलान किया है. दूसरी तरफ महिलाओं के लिए दो योजनाएं शुरू करने का ऐलान किया है. सुवेंदु सरकार राज्य की महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना के तहत हर महीने 3000 रुपये देने और मुफ्त बस यात्रा की सुविधा शुरू करने वाली है. सरकार जल्द ही नया वेब पोर्टल भी शुरू करेगी, ताकि नई पात्र महिलाएं आवेदन कर सकें.

लक्ष्मी भंडार योजना’ के लिए दोबारा अप्लाई की जरूरत नहीं

सरकार ने कहा कि जो महिलाएं पहले से लक्ष्मी भंडार योजना’ का लाभ ले रही हैं, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी. राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी.

OBC सूची में होगा बदलाव

सुवेंदु सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट के 2024 के फैसले के आधार पर राज्य की मौजूदा OBC सूची को रद्द करने और उसमें संशोधन करने का फैसला लिया है. पिछली ममता सरकार के दौरान 77 समुदायों को OBC सूची में शामिल किया गया था. इनमें 75 मुस्लिम समुदाय थे. इस फैसले को लेकर कानूनी विवाद हुआ था. बाद में कलकत्ता हाईकोर्ट ने इस सूची को रद्द कर दिया था और 2010 के बाद जारी करीब 5 लाख OBC प्रमाणपत्रों को अमान्य घोषित कर दिया था.

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भ्रष्टाचार की जांच के लिए बनेगा आयोग

सरकार ने संस्थागत भ्रष्टाचार की जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस बिस्वजीत बसु की अध्यक्षता में आयोग बनाया है. इसमें ADG रैंक के IPS अधिकारी जयरामन सदस्य सचिव होंगे. आयोग कटमनी, रिश्वतखोरी, सरकारी धन के दुरुपयोग और आम लोगों से धोखाधड़ी जैसे मामलों की जांच करेगा. इसके दायरे में सरकारी अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, बिचौलिए, ठेकेदार, एनजीओ और सहकारी संस्थाएं भी आएंगी.

उत्पीड़न की जांच के लिए आयोग का गठन

दूसरा आयोग महिलाओं और बच्चियों पर कथित अत्याचार के मामलों की जांच करेगा. इसकी अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस समाप्ति चटर्जी करेंगी, जबकि IPS अधिकारी दमयंती सेन सदस्य सचिव होंगी. CM शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आयोग पिछले कई वर्षों में महिलाओं और बच्चों, खासकर SC, ST और अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के खिलाफ हुए अत्याचारों की जांच करेगा.

सातवें वेतन आयोग को मंजूरी

सुवेंदु अधिकारी की कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन में संशोधन के लिए सातवें वेतन आयोग के गठन को भी मंजूरी दे दी है. इसका फायदा सरकारी विभागों के अलावा नगर निकाय, स्थानीय निकाय, शिक्षा बोर्ड और सरकारी शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों को भी मिलेगा.

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