नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस सांसद सौमित्र खान बीजेपी में शामिल हो गए. विष्णुपुर से लोकसभा सांसद सौमित्र खान के बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के बाद पार्टी में शामिल होने की घोषणा की गई. हालांकि टीएमसी का कहना है कि खान को पहले ही पार्टी से निकाला जा चुका है. माना जा रहा है कि खान को भाजपा में लाने में रॉय की भूमिका प्रमुख रही. वहीं टीएमसी ने भोलपुर सांसद अनुपम हजारा को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण टीएमसी से निकाल दिया है. बंगाल बीजेपी का दावा है कि टीएमसी के पांच और सांसद पार्टी के संपर्क में हैं. लोकसभा चुनाव से ठीक पहले इसे ममता बनर्जी की पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

विष्णुपुर से लोकसभा सांसद सौमित्र खान राज्य विधानसभा के सदस्य भी रह चुके हैं. खान पहले कांग्रेस में थे और 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले 2013 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे. तब भी मुकुल रॉय ने उन्हें तृणमूल कांग्रेस में लाने में अहम भूमिका निभाई थी. सौमित्र खान पिछले कुछ सप्ताह से खुलकर राज्य में तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना कर रहे थे. सौमित्र खान भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, भाजपा महासचिव अरूण सिंह, वरिष्ठ नेता मुकुल राय की उपस्थिति में पार्टी में शामिल हुए. खान ने इस अवसर पर कहा कि पश्चिम बंगाल में किसी तरह का लोकतंत्र नहीं है. लोगों को तृणमूल के अलावा किसी दूसरे दल को वोट नहीं देने के लिये मजबूर किया जा रहा है. पश्चिम बंगाल में पुलिस राज है और अफरातफरी की स्थिति है.

उन्होंने कहा कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी ‘सबका साथ, सबका विकास’ नीति में काफी विश्वास है. सौमित्र खान ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी एवं भाजपा पश्चिम बंगाल में वांछित बदलाव लायेंगे. उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में पार्टी के लिये प्रतिबद्धता के साथ काम करने की इच्छा व्यक्त की. नए घटनाक्रम से उत्साहित दिख रही भाजपा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के पतन की शुरूआत हो गई है.

वहीं तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ का कहना है कि खान लंबे समय से पार्टी के संपर्क में नहीं थे. वह अपने क्षेत्र में सही से काम नहीं कर रहे थे. उन्हें अच्छी तरह पता था कि इस बार उन्हें लोकसभा का टिकट नहीं दिया जाएगा. हमने आज सुबह ही उन्हें पार्टी से निष्कासित करने का फैसला किया. निष्कासन पत्र उन्हें भेज दिया गया है. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने अपने संसदीय दल से खान के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है ताकि वह तृणमूल कांग्रेस सांसद के रूप में अयोग्य ठहराये जाएं.

तृणमूल कांग्रेस से ही भाजपा में आए वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह तो शुरूआत है. कई नेता कतार में हैं. देखते जाइए.’ माना जाता है कि खान को भाजपा में लाने में रॉय की भूमिका प्रमुख रही. लोकसभा में पश्चिम बंगाल की 42 सीटों में तृणमूल की सीटों की संख्या अब कम होकर 33 हो गई है.