बहरामपुर: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान दो गुटों के बीच हुई झड़प में दो लोगों की मौत गई, जबकि अन्य एक व्यक्ति घायल हो गया. पुलिस ने यह जानकारी देता हुए बताया कि सीएए के खिलाफ एक प्रदर्शन कार्यक्रम में जलंगी में दो समूहों के बीच बहस शुरू हुई जो झड़प में बदल गई.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि हिंसा में घायल व्यक्ति को मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ले जाया गया है. पुलिस के मुताबिक, झड़प तृणमूल पार्टी के स्थानीय नेतृत्व और स्थानीय निवासियों के मंच ”नागरिक मंच” के बीच हुई, जिसने सीएए और प्रस्तावित एनआरसी के खिलाफ बंद का आह्वान किया था. बहस प्रदर्शन के तरीके को लेकर हुई. नागरिक मंच से बंद वापस लेने का कहा गया, जिसके बाद हालात हिंसक हो गए और दोनों पक्षों ने एक दूसरे की ओर बम फेंकें. झड़प के दौरन कई दो पहिया वाहनों और कारों में भी तोड़फोड़ की गई और उनमें आग लगा दी गई.

तृणमूल पार्टी के स्थानीय सांसद अबू ताहिर ने झड़प में पार्टी की संलिप्तता से इनकार किया है और उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा करने वाले कांग्रेस और माकपा के सदस्य थे. ताहिर ने कहा, ”मैंने पुलिस से कार्रवाई करने को कहा. दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए.”

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक मनोज चक्रवर्ती ने हिंसा में पार्टी के शामिल होने से इनकार किया और सच्चाई सामने लाने के लिए न्यायिक जांच की मांग की.

कांग्रेस नेता मुर्शिदाबाद से कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा, साहेबनगर के स्थानीय लोग नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे. अचानक, टीएमसी के गुंडों ने उन पर बम से हमला किया. घटना में 1 व्यक्ति की मौत हो गई. कम से कम 4 लोग घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

बता दें कि मुर्शिदाबाद में पिछले साल दिसंबर में भी सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी. पश्चिम बंगाल वाम शासित केरल और कांग्रेस शासित पंजाब और राजस्थान के बाद चौथा राज्य है, जिसकी विधानसभा ने सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है. राज्य विधानसभा ने 6 सितंबर 2019 को एनआरसी के खिलाफ भी प्रस्ताव पारित किया था. (इनपुट: एएनआई)